संसद मार्च की परमिशन नहीं, CJP का जंतर-मंतर पर प्रदर्शन जारी, पुलिस ने दी ये सख्त चेतावनी

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेता अभिजीत दिपके और अन्य कार्यकर्ता संसद की तरफ विरोध मार्च निकालने वाले हैं. इस मार्च से पहले सुरक्षा बहुत बढ़ा दी गई है. आज मॉनसून सत्र शुरू हो रहा है, इसलिए संसद के पास भी सुरक्षा कड़ी कर दी गई है. यहां रैपिड एक्शन फोर्स के कई जवान तैनात किए गए हैं. फिलहाल, CJP अभी जंतर-मंतर पर अपना प्रदर्शन जारी रखे हुए है. दिल्ली पुलिस के मुताबिक, CJP ने मार्च के लिए अभी तक कोई आधिकारिक मंजूरी की अनुमति नहीं मांगी है. इस मार्च की घोषणा पहले सोनम वांगचुक ने की थी. सोनम वांगचुक को शनिवार को हॉस्पिटल ले जाया गया था. दिल्ली पुलिस की तरफ से एडवाइजरी जारी की गई है कि संसद मार्च के लिए उनकी तरफ से कोई अनुमति नहीं दी गई है.

साथ ही, चेतावनी दी गई है कि नई दिल्ली जिले में निषेधाज्ञा (prohibitory orders) को तोड़ने वालों के खिलाफ सख़्त कार्रवाई की जाएगी. एक बयान में दिल्ली पुलिस ने कहा कि नई दिल्ली जिले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू है, जो पहले की CrPC की धारा 144 के समान है.

5 या उससे ज्यादा लोगों के इकट्ठा होने पर रोक

पुलिस की एडवाइजरी के अनुसार, जंतर-मंतर पर पहले से अनुमति लेकर प्रदर्शन करने की इजाजत है. लेकिन, इसके अलावा विरोध मार्च, जुलूस, प्रदर्शन या पांच या उससे ज्यादा लोगों का इकट्ठा होना बिल्कुल बंद है. पुलिस ने कहा कि 20 जुलाई से संसद का मॉनसून सत्र शुरू हो रहा है. इसलिए आम लोगों की सुरक्षा, VIP लोगों की सुरक्षा और सरकारी इमारतों की सुरक्षा के लिए बहुत बड़े इंतजाम किए गए हैं.

दिल्ली पुलिस ने चेतावनी दी है कि निषेधाज्ञा तोड़ने वाले किसी भी व्यक्ति पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी. इससे पहले सोनम वांगचुक ने कहा कि अगर सरकार शिक्षा व्यवस्था की हालिया गड़बड़ियों (जैसे पेपर लीक) की जिम्मेदारी ले ले, या सांसद यह भरोसा दिला दें कि यह मुद्दा मानसून सत्र में उठाया जाएगा, तो वह अपनी भूख हड़ताल खत्म कर देंगे.

jagjaahir desk

पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है।
close