संत रविदास जयंती और तिरंगा अभियान के जरिए गांव-गांव पहुंचेगी भाजपा, प्रदेश कार्यालय में बनी रणनीति

भाजपा ने आगामी संगठनात्मक और जनसंपर्क अभियानों को लेकर प्रदेश कार्यालय में पदाधिकारियों और कोर कमेटी की बैठक आयोजित की। बैठक में संत रविदास की 650वीं जयंती को सामाजिक समरसता और समानता के संदेश के साथ प्रदेश के गांव-गांव तक पहुंचाने की रणनीति बनाई गई। साथ ही अगस्त माह में वंदे मातरम और तिरंगा महाअभियान के माध्यम से राष्ट्रवाद आधारित जनसंपर्क अभियान चलाने की रूपरेखा भी तय की गई।
बैठक में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और भाजपा के राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाश की मौजूदगी में विभिन्न कार्यक्रमों की तैयारियों की समीक्षा की गई। बताया गया कि संत रविदास की 650वीं जयंती अगले वर्ष फरवरी में मनाई जाएगी, जिसकी तैयारियां 23 जुलाई से कार्यशालाओं और संगठनात्मक कार्यक्रमों के साथ शुरू होंगी।
पार्टी की योजना के अनुसार 27 जुलाई को एक प्रतिनिधिमंडल वाराणसी जाकर निर्माणाधीन संत रविदास स्मारक से मिट्टी और जल लेकर आएगा। इसके बाद प्रदेशभर के मंदिरों और पंचायतों में कार्यक्रम आयोजित कर संत रविदास के विचारों और सामाजिक समरसता के संदेश का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा।
बैठक में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव, उपमुख्यमंत्री अरुण साव और विजय शर्मा, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सरोज पांडेय, लता उसेंडी, क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जम्वाल, प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय सहित कई वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे।
पदाधिकारियों की बैठक के बाद आयोजित कोर कमेटी की बैठक में बस्तर के विकास और सुशासन पर विशेष चर्चा हुई। नेताओं ने कहा कि सुरक्षा मोर्चे पर मिली सफलता को अब विकास और जनकल्याण से जोड़ने की आवश्यकता है, ताकि आम लोगों को शासन की योजनाओं का सीधा लाभ मिल सके। बैठक में आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटे नक्सलियों के प्रभावी पुनर्वास और सरकारी योजनाओं को गांव-गांव तक पहुंचाने पर भी जोर दिया गया।
भाजपा प्रदेश कार्यालय में बुधवार को प्रकोष्ठों, मोर्चा पदाधिकारियों, संभाग प्रभारियों और संघ समन्वयकों की अलग-अलग बैठकें भी आयोजित की जाएंगी। इनमें आगामी संगठनात्मक कार्यक्रमों, डिजिटल लर्निंग प्लेटफॉर्म और विभिन्न अभियानों की तैयारियों की समीक्षा की जाएगी।











