कर्जमाफी की लिस्ट में नहीं मिला नाम, सदमे में किसान ने दी जान… दो बच्चे हुए अनाथ

महाराष्ट्र के यवतमाल जिले से एक दर्दनाक घटना सामने आई है. राळेगांव तहसील के भांब गांव के रहने वाले 49 वर्षीय किसान राजू बापुराव चुड्डुके ने कथित तौर पर कर्जमाफी की सूची में अपना नाम नहीं मिलने के बाद जहर खाकर आत्महत्या कर ली. घटना के बाद इलाके में शोक का माहौल है.
परिजनों के अनुसार, राजू चुड्डुके के नाम पर करीब 1 हेक्टेयर 39 आर कृषि भूमि है. खेती के लिए लिए गए कर्ज के कारण उन्हें उम्मीद थी कि सरकार की कर्जमाफी योजना का लाभ मिलेगा. इसी आशा के साथ वे राळेगांव स्थित मध्यवर्ती बैंक में जारी लाभार्थियों की सूची देखने पहुंचे थे. हालांकि, सूची में अपना नाम नहीं मिलने से वे गहरे निराश हो गए.घर लौटने के बाद वे काफी परेशान दिखाई दिए. शनिवार रात उन्होंने घर में ही जहरीला पदार्थ खा लिया. हालत बिगड़ने पर परिवार के लोग उन्हें तत्काल राळेगांव ग्रामीण अस्पताल ले गए, लेकिन उपचार के दौरान डॉक्टर उन्हें बचा नहीं सके.
मृतक किसान अपने पीछे पत्नी और दो छोटे बच्चों को छोड़ गए हैं. परिवार का कहना है कि बढ़ती खेती की लागत, खाद और बीज की महंगाई, सूखे की मार और कर्ज के दबाव ने पहले ही आर्थिक स्थिति को कमजोर कर दिया था. ऐसे में कर्जमाफी उनके लिए बड़ी राहत साबित हो सकती थी.
घटना के बाद गांव में शोक और नाराजगी का माहौल है. ग्रामीणों का आरोप है कि कर्जमाफी की घोषणा से किसानों में उम्मीद जगी थी, लेकिन कई जरूरतमंद किसानों के नाम सूची में शामिल नहीं किए गए. उनका कहना है कि इसी निराशा ने राजू चुड्डुके को यह कठोर कदम उठाने पर मजबूर कर दिया.
स्थानीय लोगों ने राज्य सरकार और प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराने, कर्जमाफी प्रक्रिया की समीक्षा करने और मृतक किसान के परिवार को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है.











