जैसलमेर में एक ही परिवार के चार लोगों के शव मिलने से सनसनी… हत्या या आत्महत्या में उलझी पुलिस

राजस्थान के जैसलमेर जिले में रविवार को एक ही परिवार के चार सदस्यों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से इलाके में सनसनी फैल गई. घटना रामदेवरा थाना क्षेत्र के लोहारकी गांव की है, जहां एक दंपति और उनके दो बच्चों के शव गांव के एक टांके (पानी के कुंड) से बरामद किए गए. घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है, जबकि पुलिस मामले की हर पहलू से जांच में जुट गई है.
मृतकों की पहचान जसराज सुथार, उनकी पत्नी निरमा, एक पुत्र और एक पुत्री के रूप में हुई है. रविवार को जब ग्रामीणों को टांके में शव होने की जानकारी मिली तो बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए. ग्रामीणों की मदद से चारों शवों को टांके से बाहर निकाला गया और तत्काल लोहारकी अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने सभी को मृत घोषित कर दिया.घटना की सूचना मिलते ही रामदेवरा थानाधिकारी देवकिशन पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया. पुलिस ने आसपास के लोगों से पूछताछ शुरू कर दी है और घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं.
पुलिस कर रही मामले की जांच
शुरुआती जांच में मामला सामूहिक आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, लेकिन पुलिस किसी भी संभावना से इनकार नहीं कर रही है. जांच इस बात पर भी केंद्रित है कि कहीं यह हत्या के बाद आत्महत्या का मामला तो नहीं है या फिर पूरे परिवार ने किसी कारणवश सामूहिक रूप से अपनी जान दी. फिलहाल मौत के पीछे की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है.
पुलिस ने चारों शवों को आगे की कार्रवाई के लिए लोहारकी अस्पताल से पोकरण अस्पताल की मोर्चरी में भिजवा दिया है, जहां पोस्टमार्टम कराया जाएगा. पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा.
एक ही परिवार के चार लोगों की मौत
घटना की खबर फैलते ही अस्पताल और गांव में परिजनों तथा ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई. परिवार के चार सदस्यों की एक साथ मौत से पूरे क्षेत्र में मातम पसरा हुआ है. पुलिस का कहना है कि मामले में सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच की जा रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फॉरेंसिक साक्ष्यों तथा अन्य तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.
रामदेवरा थानाधिकारी देवकिशन ने बताया कि पुलिस ने घटनास्थल का मौका मुआयना कर लिया है और मामले की विस्तृत जांच जारी है. अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि यह सामूहिक आत्महत्या का मामला है या इसके पीछे कोई अन्य आपराधिक कारण है.











