खरगे की मनुस्मृति वाली टिप्पणी पर राज्यसभा में हंगामा, बाद में रिकॉर्ड से हटाई गई

एंटी पेपर लीक पर चर्चा के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की मनुस्मृति वाली टिप्पणी पर राज्यसभा में हंगामा हो गया. सभापति ने खरगे को टोका और कहा कि मनुस्मृति का पेपर लीक बिल से क्या लेना-देना है. बीजेपी ने खरगे की टिप्पणी पर आपत्ति जताई. खरगे के बयान पर सदन के नेता जेपी नड्डा ने कहा कि खरगे के बयान से अशांति फैलेगी. खरगे की टिप्पणी तथ्यों से परे है.

दरअसल, कांग्रेस अध्यक्ष खरगे ने कहा था कि नए सिलेबस में मनुस्मृति की चीजें डाली जा रही हैं. हालांकि, हंगामे के बाद खरगे की मनुस्मृति वाली टिप्पणी रिकॉर्ड से हटाई गई. इससे पहले नेता सदन जेपी नड्डा ने कहा, विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने जो कहा है, वह मेरी जानकारी में तथ्यों से परे है. मनुस्मृति का ओरिजिनल टेक्स्ट ऑथेंटिकेट करें.

सुधांशु त्रिवेदी ने क्या कहा?

इस मुद्दे पर बीजेपी सांसद सुधांशु त्रिवेदी करीब एक मिनट बोले. त्रिवेदी ने जैसे ही बोलना शुरू किया, सभापति ने उन्हें टोका. वहीं, त्रिवेदी ने कलकत्ता हाई कोर्ट के पूर्व जज विलियम जोंस के साथ बाबा साहब भीमराव आंबेडकर की किताब को कोट किया. इसके साथ ही उन्होंने कई अन्य किताबों का रिफरेंस दिया और कहा कि इसीलिए कह रहा हूं कि ये ऑथेंटिकेट करें.

सदन में प्रमोद तिवारी के दावे

वहीं, प्रमोद तिवारी ने एक किताब कोट करते हुए कहा कि ये किताब इनके कार्यकाल में छपी है और प्रतिबंधित नहीं है. अगर ये कह रहे हैं, दिखा रहे हैं तो गलती इनकी है. तिवारी ने कहा कि 12 साल से बीजेपी की सरकार है. वहीं, नड्डा ने कहा कि ब्रिटिश टाइम से पहले का ओरिजिनल टेक्स्ट लाइए. ऐसे बयानों से अशांति फैलती है. इस पर सभापति ने खरगे की ओर से मनुस्मृति वाला बयान एक्सपंज करने की घोषणा की.

jagjaahir desk

पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है।
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