नीरज चोपड़ा के साथ यशवीर और रोहित की दहाड़, फाइनल में पहुंचे तीनों भारतीय

नीरज चोपड़ा सहित रोहित यादव और यश वीर सिंह ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में मेंस जैवलीन थ्रो स्पर्धा के फाइनल के लिए लिए क्वालीफाई कर लिया है. पूर्व ओलंपिक चैंपियन नीरज चोपड़ा ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में अपने अभियान की शुरुआत पहले दौर में 76.28 मीटर के थ्रो के साथ की. नीरज ने दूसेर प्रयास में 79.61 मीटर दूर जैवलिन फेंका. चोपड़ा ने अपने 79.61 मीटर के सर्वश्रेष्ठ थ्रो के साथ पांचवें स्थान पर रहते हुए आसानी से फाइनल में जगह बनाई. नीरज चोपड़ा के साथ-साथ भारत के रोहित यादव (78.37 मीटर) और यशवीर सिंह (78.36 मीटर) ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए क्रमशः नौवां और दसवां स्थान हासिल किया और फाइनल के लिए क्वालिफाई किया.
वहीं, पाकिस्तान के अरशद नदीम अपने शुरुआती प्रयास के बाद सुधार नहीं कर सके और 78.63 मीटर के थ्रो के साथ सातवें स्थान पर रहते हुए आगे बढ़े. क्वालिफाइंग दौर में श्रीलंका के रुमेश पाथिरागे 82.84 मीटर के थ्रो के साथ शीर्ष पर रहे, जबकि ग्रेनाडा के एंडरसन पीटर्स (81.29 मीटर), दक्षिण अफ्रीका के डोव स्मिट (80.64 मीटर) और इंग्लैंड के बेन ईस्ट (80.38 मीटर) ने क्रमशः दूसरा, तीसरा और चौथा स्थान हासिल किया. इनके अलावा ऑस्ट्रेलिया के कैमरून मैकएंटायर (78.91 मीटर – छठा), बहामास के कीशॉन स्ट्रैचन (78.60 मीटर – आठवां), त्रिनिदाद एंड टोबैगो के केशॉर्न वॉलकॉट (78.26 मीटर – 11वां) और नाइजीरिया के चिनेचेरेम नामदी (75.27 मीटर – 12वां) भी टॉप 12 खिलाड़ियों की सूची में जगह बनाकर खिताबी मुकाबले में प्रवेश करने में सफल रहे.
नीरज 8 साल बाद कॉमनवेल्थ गेम्स में खेल रहे हैं
नीरज चोपड़ा 8 साल के लंबे अंतराल के बाद कॉमनवेल्थ गेम्स में वापसी कर रहे हैं. इससे पहले वे आखिरी बार 2018 गोल्ड कोस्ट कॉमनवेल्थ गेम्स में उतरे थे, जहां उन्होंने 86.47 मीटर के शानदार थ्रो के साथ गोल्ड मेडल अपने नाम किया था. हालांकि, चोट के कारण वे 2022 बर्मिंघम खेलों में हिस्सा नहीं ले पाए थे. इस बार ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 202 फाइनल में जगह बनाने के लिए ऑटोमैटिक क्वालिफिकेशन मार्क 84 मीटर तय किया गया था. क्वालिफाइंग राउंड में हर खिलाड़ी को 3 मौके मिले.
90 मीटर का आंकड़ा पार करने वाले इकलौते भारतीय
नीरज चोपड़ा के नाम एक ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज है.वे 90 मीटर से अधिक दूर भाला फेंकने वाले भारत के एकमात्र जैवलिन थ्रोअर हैं. उन्होंने 2025 दोहा डायमंड लीग के दौरान 90.23 मीटर थ्रो के साथ नया नेशनल रिकॉर्ड बनाया था. उनकी यह उपलब्धि उन्हें दुनिया के सबसे बेहतरीन एथलीटों की कतार में मजबूती से खड़ा करती है.
ओलंपिक से एशियन गेम्स तक स्वर्णिम सफर
इंटरनेशनल स्टेज पर नीरज चोपड़ा का प्रदर्शन लगातार शानदार और ऐतिहासिक रहा है. उन्होंने टोक्यो ओलंपिक 2020 में 87.58 मीटर के थ्रो के साथ स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचा था. इसके बाद भी उनका विजय रथ नहीं रुका और उन्होंने वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2023 व एशियन गेम्स 2023 में गोल्ड मेडल जीता, जबकि पेरिस ओलिंपिक 2024 में देश के लिए सिल्वर मेडल अपने नाम किया.











