रायपुर में 5 मौतों का रहस्य गहराया: सट्टेबाजी के कर्ज, धमकियों और दो संदिग्ध नंबरों ने बढ़ाई जांच की दिशा

रायपुर, 31 जुलाई। राजधानी रायपुर के संजय नगर में एक ही परिवार के पांच लोगों की संदिग्ध मौत के मामले में एसआईटी जांच के दौरान कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। प्रारंभिक जांच के अनुसार, परिवार का मुखिया साजिद अली सट्टेबाजी के कारण भारी कर्ज में डूबा हुआ था। कर्ज चुकाने के दबाव और लगातार मिल रही धमकियों के बीच उसने यह खौफनाक कदम उठाया। पुलिस फिलहाल आर्थिक लेन-देन, सट्टेबाजी नेटवर्क और पारिवारिक विवाद समेत सभी पहलुओं से मामले की जांच कर रही है।
जांच में सामने आया है कि साजिद अली ने कर्ज से उबरने के लिए बाजार से करीब 16 लाख रुपये ऊंची ब्याज दर पर उधार लिए थे। समय पर रकम नहीं लौटाने पर कर्जदाता लगातार उस पर दबाव बना रहे थे और घर पहुंचकर धमकियां भी दे रहे थे। एसआईटी इन तथ्यों की गहन जांच कर रही है।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, साजिद ने पहले अपनी पत्नी राबिया, बेटे इरशाद, बेटी शाहिदा बेगम और इरशाबा परवीन को कथित रूप से जहर दिया। इसके बाद वह पूरी रात शवों के पास बैठा रहा और लगभग नौ घंटे बाद फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
तकनीकी जांच में पुलिस को साजिद के मोबाइल फोन से दो संदिग्ध मोबाइल नंबर मिले हैं, जिन पर घटना से पहले लगातार बातचीत हुई थी। 17 जुलाई की रात भी इन नंबरों पर उसकी लंबी बातचीत हुई थी, जबकि 18 जुलाई की रात परिवार के पांचों शव बरामद हुए। घटना के बाद से दोनों नंबर बंद हैं और पुलिस उनकी तलाश में जुटी है।
जांच में यह भी सामने आया कि साजिद बैटरी निर्माण का विशेषज्ञ था, लेकिन पिछले करीब एक साल से उसने काम बंद कर दिया था। इसके बावजूद परिवार का खर्च चलता रहा। उसके बैंक खाते और मोबाइल की जांच में आईपीएल सीजन के दौरान संदिग्ध वित्तीय लेन-देन और सट्टेबाजी से जुड़े अहम सुराग मिले हैं।
पुलिस का कहना है कि फिलहाल किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। एसआईटी आर्थिक कारण, सट्टेबाजी, कर्ज के दबाव और पारिवारिक परिस्थितियों सहित हर एंगल से मामले की जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी।











