भिवंडी इमारत हादसे में प्रशासन की बड़ी लापरवाही, नोटिस के बाद भी नहीं रुका मरम्मत का काम..जानें कैसे ढही 4 मंजिला बिल्डिंग?

महाराष्ट्र के भिवंडी नगर निगम क्षेत्र स्थित नरपोली गंगाराम वाडी इलाके में कल देर रात करीब 11:30 बजे एक भीषण दुर्घटना हो गई. भिवंडी नगर निगम द्वारा पहले से ही खतरनाक घोषित की जा चुकी चार मंजिला कोहिनूर इमारत पल भर में ताश के पत्तों की तरह ढह गई. रात के अंधेरे में हुए इस हादसे के बाद चारों ओर चीख-पुकार और अफरा-तफरी मच गई. 12 घंटे से अधिक समय तक चले एनडीआरएफ (NDRF) के रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद मलबे से अब तक 9 शव बाहर निकाले जा चुके हैं, जबकि 3 लोग गंभीर रूप से घायल हैं. घटनास्थल पर मौजूद स्थानीय नागरिकों और प्रत्यक्षदर्शियों ने उस खौफनाक रात का आंखों देखा हाल बयां किया.
चश्मदीदों की मानें तो- रात करीब 11:30 बजे अचानक एक तेज आवाज हुई और पूरी चार मंजिला इमारत नीचे आ गिरी. चारों तरफ सीमेंट, ईंट और धूल का गुबार छा गया. हादसे के तुरंत बाद आसपास के रहवासी और नागरिक घायलों की मदद के लिए दौड़ पड़े. स्थानीय लोगों ने ही सबसे पहले पुलिस और फायर ब्रिगेड को घटना की सूचना दी.
हादसे की असल वजह क्या?
नगर निगम और स्थानीय प्रशासन की शुरुआती जांच में हादसे के पीछे बड़ी लापरवाही सामने आई है. शुरुआती जानकारी के मुताबिक, इमारत के निचले हिस्से में मरम्मत का काम चल रहा था. इसी दौरान पिलर से छेड़छाड़ या उसे हिलाने के कारण पूरी इमारत का संतुलन बिगड़ गया और वह ढह गई. भिवंडी नगर निगम के अतिरिक्त आयुक्त विट्ठल दागे के अनुसार, नगर निगम ने इस इमारत को पहले ही खतरनाक घोषित कर खाली करने का नोटिस जारी कर दिया था. इसके बावजूद इमारत मालिकों ने बिना किसी अधिकृत स्ट्रक्चरल ऑडिट के मनमाने तरीके से निर्माण व मरम्मत कार्य शुरू करा दिया था. हादसे से ठीक पहले प्रशासन ने कुछ लोगों को बाहर निकाला था, लेकिन कुछ निवासी और मजदूर अपना सामान तथा सामग्री निकालने के लिए वापस अंदर गए थे, तभी इमारत जमींदोज हो गई.
12 घंटे से युद्धस्तर पर NDRF का रेस्क्यू ऑपरेशन
घटना की सूचना मिलते ही एनडीआरएफ (NDRF), टीडीआरएफ (TDRF), फायर ब्रिगेड और पुलिस बल मौके पर पहुंचा. करीब 12 घंटे की कड़ी मशक्कत और लगातार की गई खुदाई के बाद एनडीआरएफ की टीम ने मलबे के नीचे से 9वें व्यक्ति का शव बाहर निकाला. सभी शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिवंडी के आईजीएम (IGM) सरकारी अस्पताल भेज दिया गया है. मलबे के नीचे कुछ और मजदूरों या नागरिकों के फंसे होने की आशंका के चलते सर्च ऑपरेशन अभी भी युद्धस्तर पर जारी है.
सामने आए मृतकों के नाम
हादसे में जान गंवाने वाले 9 लोगों में से 7 की पहचान हो चुकी है, जिनमें से 5 प्रमुख नाम इस प्रकार हैं:
- शमीम शेख (उम्र 32 वर्ष)
- रणजीत सिंह (उम्र 45 वर्ष)
- मिराज रसूल शेख (उम्र 34 वर्ष)
- संतोष कुमार पांडे (उम्र 42 वर्ष)
- शमीम अंसारी (उम्र 30 वर्ष)
(अन्य मृतकों की शिनाख्त और जानकारी जुटाने का प्रयास प्रशासन द्वारा किया जा रहा है.)











