मराठा आरक्षण पर महायुति की बढ़ी टेंशन! मनोज जरांगे 7 अगस्त से करेंगे राज्य का दौरा, आंदोलन का दिया अल्टीमेटम

महाराष्ट्र में मराठा आरक्षण का मुद्दा एक बार फिर गरमाने वाला है। मराठा आंदोलन कार्यकर्ता मनोज जरांगे पाटिल ने राज्य की सत्ताधारी महायुति सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए बड़े आंदोलन की रणनीति बनाई है। जनाधार मजबूत करने और समाज को एकजुट करने के उद्देश्य से वे 7 अगस्त से व्यापक राज्यव्यापी दौरा शुरू करने जा रहे हैं।
जिलों में बैठकें और जनसंवाद
इस राज्यव्यापी दौरे के दौरान मनोज जरांगे पाटिल महाराष्ट्र के विभिन्न जिलों का रुख करेंगे। वे जगह-जगह जनसभाएं और बैठकें आयोजित कर मराठा समाज के लोगों के साथ सीधी चर्चा करेंगे। इस दौरान मराठा आरक्षण की मौजूदा स्थिति, युवाओं को आ रही समस्याओं और प्रशासनिक स्तर पर हो रही देरी जैसे मुद्दों पर विचार-विमर्श किया जाएगा। राजनीतिक विश्लेषक इस दौरे को राज्य सरकार के लिए एक तरह से अल्टीमेटम मान रहे हैं।
29 अगस्त से भूख हड़ताल का अल्टीमेटम
मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जरांगे पाटिल ने महायुति सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए 29 अगस्त से भूख हड़ताल पर बैठने का अल्टीमेटम दिया है. उन्होंने साफ तौर से कहा है कि इस बार या तो मैं जाऊंगा या फिर यह सरकार जाएगी।
महाराष्ट्र सरकार पर लगाए ये गंभीर आरोप
मनोज जरांगे पाटिल का आरोप है कि प्रशासन के पास 58 लाख से अधिक रिकॉर्ड उपलब्ध होने के बावजूद पात्र मराठा परिवारों को कुणबी प्रमाण पत्र जारी नहीं किए जा रहे हैं। इसके अलावा, उन्होंने राजस्व, कृषि, नगर विकास और महावितरण जैसे सरकारी विभागों की भर्ती प्रक्रियाओं में मराठा युवाओं के साथ अन्याय होने का दावा किया। पाटिल ने यह भी याद दिलाया कि सरकार ने आंदोलनकारियों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने का वादा किया था, लेकिन कई लोग आज भी अदालत के चक्कर काटने को मजबूर हैं।
महायुति सरकार ने जरांगे को दिया बातचीत का ऑफर
दूसरी ओर, राज्य सरकार ने इन आरोपों का खंडन करते हुए स्थिति स्पष्ट की है। मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस व कैबिनेट मंत्री राधा कृष्ण विखे पाटिल ने कहा है कि वे जरांगे को आंकड़ा देकर उनकी गलतफहमी दूर करेंगे। सीएम ने कहा कि पात्र मराठा लोगों को कुणबी प्रमाण पत्र देने का काम तेजी से चल रहा है। उन्होंने जरांगे को बातचीत का ऑफर भी दिया है।










