झीरम घाटी नक्सली हमले के मामले में सुनवाई अंतिम चरण में, 10 अगस्त को होगी निर्णायक बहस

छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित झीरम घाटी नक्सली हमले से जुड़े मामले की सुनवाई अब अंतिम दौर में पहुंच गई है। विशेष एनआईए अदालत में 11 आरोपियों के खिलाफ चल रहे ट्रायल में अभियोजन पक्ष अपने सभी मौखिक और दस्तावेजी साक्ष्य पेश कर चुका है। अब 10 अगस्त को अंतिम बहस होगी, जिसके बाद अदालत फैसला सुरक्षित रख सकती है। मामले में ट्रायल के दौरान एक आरोपी की मौत हो चुकी है, जबकि शेष आरोपियों के खिलाफ सुनवाई जारी है।
101 गवाहों के बयान और साक्ष्यों पर होगी अंतिम बहस
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अदालत के समक्ष कुल 101 गवाहों के बयान दर्ज कराए हैं। इसके अलावा कई महत्वपूर्ण दस्तावेजी साक्ष्यों को भी रिकॉर्ड का हिस्सा बनाया गया है। अब अंतिम बहस के दौरान अभियोजन इन साक्ष्यों के आधार पर आरोप सिद्ध करने का प्रयास करेगा, जबकि बचाव पक्ष अपनी दलीलों के जरिए आरोपों को चुनौती देगा। बहस पूरी होने के बाद अदालत फैसला सुरक्षित रख सकती है और बाद में निर्णय की तारीख घोषित करेगी।
2013 के हमले का फैसला वर्षों से प्रतीक्षित
25 मई 2013 को बस्तर के झीरम घाटी क्षेत्र में कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा पर नक्सलियों ने घात लगाकर हमला किया था। इस हमले में महेंद्र कर्मा सहित प्रदेश कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं और अन्य लोगों की मौत हुई थी। घटना के बाद मामले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को सौंपी गई और वर्षों से न्यायिक प्रक्रिया जारी है। पीड़ित परिवारों और पूरे प्रदेश की नजर इस बहुचर्चित मामले के फैसले पर टिकी हुई है। 10 अगस्त को होने वाली अंतिम बहस के बाद इस मामले में न्यायिक प्रक्रिया एक महत्वपूर्ण पड़ाव पर पहुंचने की उम्मीद है।










