बेरोजगारी और युवाओं के भविष्य के लिए केंद्र जिम्मेदार… झारखंड छात्र आंदोलन पर अखिलेश बोले

झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी को लेकर चल रहे प्रतियोगी छात्रों के आंदोलन के बीच समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है. अखिलेश यादव ने कहा कि देश में बढ़ती बेरोजगारी और युवाओं के भविष्य को लेकर केंद्र सरकार को जवाब देना होगा. उन्होंने कहा कि झारखंड के छात्रों की मांगों पर बातचीत से समाधान निकलना चाहिए, लेकिन युवाओं की समस्याओं के लिए असली जिम्मेदारी भारत सरकार की है.

संसद जाने से पहले अखिलेश ने साधा निशाना

नई दिल्ली में संसद सत्र में शामिल होने जाने से पहले पत्रकारों से बातचीत के दौरान अखिलेश यादव ने झारखंड छात्र आंदोलन पर अपनी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि झारखंड सरकार आंदोलन कर रहे छात्रों से बातचीत कर रही है और उम्मीद है कि कोई रास्ता निकलेगा. लेकिन केंद्र सरकार को भी यह बताना चाहिए कि उसने युवाओं को रोजगार देने के लिए क्या कदम उठाए हैं. अखिलेश ने कहा कि अगर केंद्र सरकार बेहतर नीतियां बनाती तो राज्यों को भी उसका लाभ मिलता. उन्होंने आरोप लगाया कि देश में बेरोजगारी बढ़ रही है और युवाओं का भविष्य संकट में है.

भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी को लेकर छात्रों का आंदोलन

बता दें कि झारखंड में प्रतियोगी छात्र भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर आंदोलन कर रहे हैं. छात्रों और सरकार के बीच बातचीत में कुछ मांगों पर सहमति बनी है, लेकिन आंदोलनकारी अभी भी अपनी कई मांगों को लेकर प्रदर्शन जारी रखने की बात कह रहे हैं. छात्रों की मांग है कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता लाई जाए और परीक्षाओं में होने वाली गड़बड़ियों पर सख्त कार्रवाई की जाए.

जंतर-मंतर आंदोलन से जुड़े संगठन ने भी दिया समर्थन

झारखंड के छात्रों के आंदोलन को नई दिल्ली में नीट और अन्य मुद्दों को लेकर प्रदर्शन कर चुके कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने भी समर्थन दिया है. संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने रांची पहुंचकर आंदोलनकारी छात्रों से मुलाकात की और उनकी मांगों का समर्थन किया. सीजेपी के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा कि छात्रों की लड़ाई जायज है और उन्हें अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाते रहना चाहिए.

2027 चुनाव से पहले युवाओं के मुद्दे पर सियासत तेज

उत्तर प्रदेश समेत देश की राजनीति में युवाओं और रोजगार के मुद्दे लगातार चर्चा में हैं. विपक्षी दल बेरोजगारी और भर्ती प्रक्रिया को लेकर सरकारों पर सवाल उठा रहे हैं, जबकि सरकारें रोजगार सृजन और भर्ती प्रक्रिया में सुधार के दावे करती रही हैं. झारखंड छात्र आंदोलन को लेकर अब राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है. अखिलेश यादव के बयान के बाद यह मुद्दा एक बार फिर सियासी बहस के केंद्र में आ गया है.

jagjaahir desk

पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है।
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