2027 होगा युवा वर्ष, रोजगार सहित मिशन GYANII पर होगा फोकस… लाल परेड ग्राउंड CM यादव का बड़ा ऐलान

80वें स्वतंत्रता दिवस पर 15 अगस्त को पूरा मध्यप्रदेश देशभक्ति के रंग में रंग गया. चारों ओर तिरंगा लहराया और देशभक्ति गीतों ने युवाओं को उत्साह से भर दिया. इस बीच मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल के लाल परेड ग्राउंड पर आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में ध्वजारोहण किया. ध्वजारोहण से पहले राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम का गायन हुआ और ध्वजारोहण के बाद राष्ट्रगान जन-गण-मन की धुन बजाई गई. उसके बाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने परेड का निरीक्षण किया और सलामी ली. परेड में सशस्त्र दलों ने हर्ष फायर किया और पुलिस बैंड ने देश भक्ति गीतों की धुनों से वातावरण में राष्ट्र प्रेम और समर्पण के भाव का संचार किया. परेड में पुलिस बैंड सहित कुल 22 टुकड़ियों ने भाग लिया.

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वाधीनता के इस संग्राम में, रानी दुर्गावती, रानी अवंती बाई, महाराजा छत्रसाल और टंट्या मामा भील से लेकर चंद्रशेखर आजाद तक मध्यप्रदेश के अनगिनत वीर सपूतों ने भी अपनी आहुतियां दी हैं. उन्होंने कहा पुलिस और हॉक फोर्स के उन वीर जवानों को श्रृद्धांजलि अर्पित करता हूं, जो आंतरिक सुरक्षा के मोर्चे पर, असीम शौर्य का परिचय देते हुए, वीरगति को प्राप्त हुए. ऐसे ही जांबाजों की बदौलत, नक्सल मुक्त प्रदेश बनाने की ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल हुई है.पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल ने, भारत वर्ष की महिमा को इन पंक्तियों में व्यक्त किया है, ‘भारत जमीन का टुकड़ा नहीं, जीता जागता राष्ट्रपुरूष है, हिमालय मस्तक है, कश्मीर किरीट है, पंजाब और बंगाल दो विशाल कंधे हैं. पूर्वी और पश्चिमी घाट दो विशाल जंघाएं हैं. कन्याकुमारी इसके चरण हैं, सागर इसके पग पखारता है. यह चन्दन की भूमि है, अभिनन्दन की भूमि है, यह तर्पण की भूमि है, यह अर्पण की भूमि है. इसका कंकर-कंकर शंकर है, इसका बिन्दु-बिन्दु गंगाजल है. हम जिएंगे तो इसके लिए, मरेंगे तो इसके लिए.’

अविस्मरणीय है आज का महोत्सव

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आजादी का ये महोत्सव इसलिए भी अविस्मरणीय हो गया है क्योंकि, आज राष्ट्रीय पर्व पर राष्ट्रीय गीत वन्दे-मातरम् का भी गायन हो रहा है. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में जनकल्याण को केन्द्र में रखते हुए भारत को आधुनिक, विकसित, आत्मनिर्भर, सुरक्षित, समृद्ध और गौरवशाली राष्ट्र बनाने की दिशा में अनेक ऐतिहासिक उपलब्धियां प्राप्त हुई हैं. उनके कुशल मार्गदर्शन में आज भारत की गणना विश्व के अग्रणी राष्ट्रों में हो रही है. उन्होंने कहा कि भारत की भूमि समानता, समरसता और समभाव की भूमि है.

भारतीय संस्कृति का मूल वसुधैव कुटुम्बकम

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि समरसता के संत गुरू रविदास जी महाराज की 650वीं जयन्ती का उत्सव हम 18 अगस्त, 2026 से प्रदेश भर में मनाने जा रहे हैं.वसुधैव कुटुम्बकम् भारतीय संस्कृति का मूल है. यह हर्ष का विषय है कि, जून 2026, में ब्रिक्स देशों के कृषि मंत्रियों एवं कृषि कार्य समूह तथा अगस्त, 2026 में ब्रिक्स देशों के संस्कृति मंत्रियों और ब्रिक्स संस्कृति कार्य समूह की, बैठक के आयोजन का सौभाग्य मध्यप्रदेश को प्राप्त हुआ है.

उन्होंने कहा कि इन आयोजनों ने न केवल मध्यप्रदेश को दुनिया के मानचित्र पर नई चमक दी है, बल्कि वैश्विक शांति और साझी संस्कृति का एक मजबूत रोडमैप प्रस्तुत किया है. उन्होंने कहा कि लोक का तंत्र पर भरोसा ही सुशासन की पहली सीढ़ी है. जन-कल्याण यदि साध्य है तो, जन-विश्वास और जन-संवाद उसके साधन. इसी लक्ष्य के साथ सरकार ने दिनांक 7 अगस्त-2026 से मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान प्रारंभ किया है.

किसानों के खेत हमारे लिए देवस्थल

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों के खेत सरकार के लिए देवस्थल हैं और खेत से उपजा एक-एक दाना प्रसाद के समान है. वर्ष-2026, को हम किसान कल्याण वर्ष के रूप में मना रहें है. सभी जिलों में, बलराम कृषि महोत्सव आयोजित कर, किसानों की मेहनत और समर्पण को सम्मानित किया जा रहा है. प्रदेश के इतिहास में पहली बार शासकीय योजनाओं के लिए, कृषि भूमि का भू-अर्जन करने पर किसानों को चार गुना मुआवजा दिए जाने का किसान हितैषी निर्णय लागू किया है.

सिंचित खेती भी रोजगार का बड़ा साधन

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कई बार हमारे मन में ऐसी धारणा बन जाती है कि रोजगार मुख्य रूप से केवल उद्योगों या नौकरियों से ही मिलता है. लेकिन मैं प्रदेश के युवाओं को बताना चाहूंगा कि मध्यप्रदेश में अब सिंचित खेती भी रोजगार के एक बड़े साधन के रूप में उभर रही है. मैं खेती में रुचि रखने वाले युवाओं से आह्वान करना चाहूंगा कि, वे अधिक से अधिक उद्यानिकी फसलों को अपनायें.

आज मध्यप्रदेश संतरा, केला, अंगूर, सीताफल, सब्जी और मसालों से लेकर मखाने, ब्लूबेरी, स्ट्राबेरी, ड्रैगन फ्रूट, गेंदा और गुलाब की खेती तक नई तकनीक और नई फसलें किसानों की तकदीर को बदल रही हैं. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार मध्यप्रदेश को, देश की मिल्क-केपिटल बनाने के संकल्प के साथ कार्य कर रही है. प्रदेश में दुग्ध संकलन आज लगभग 12 लाख लीटर प्रतिदिन के स्तर पर पहुंच चुका है.

हमारे दुग्ध उत्पादकों को आठ रुपए से अधिक, प्रति लीटर तक का मुनाफा हो रहा है. प्रधानमंत्री मोदी के महिला सशक्तिकरण के संकल्प से प्रेरित होकर, प्रदेश में हम लखपति गौपालक दीदी योजना को प्रोत्साहित कर रहे हैं. नस्ल सुधार के साथ, बछिया पालन करके, प्रदेश की महिलाएं लखपति बनने का सपना साकार कर सकेंगी. उन्होंने कहा कि सरकार ने मत्स्य पालन नीति-2026 लागू की है, जिसके अंतर्गत एक अग्रणी अंतर्राष्ट्रीय कंपनी के साथ, मध्यप्रदेश में 7 हजार 430 करोड़ रुपए के निवेश तथा बाय-बैक एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर किए गए है.

अंतिम खेत तक सिंचाई के लिए संकल्पित सरकार

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार अंतिम छोर के अंतिम खेत तक सिंचाई के लिए पानी पहुंचाने के लिए संकल्पित होकर काम कर रही है. देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी का हृदय से आभार, जिन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल की 100वीं जन्म जयंती के अवसर पर 44 हजार 600 करोड़ की लागत की देश की पहली, नदी जोड़ो केन-बेतवा परियोजना की सौगात दी है. मां नर्मदा के जल से, विंध्य अंचल में, हरियाली लाने का सपना स्लीमनाबाद टनल परियोजना की सफलता के रूप में साकार होने जा रहा है.

वर्ष 2028-29 तक, मध्यप्रदेश की सकल सिंचाई क्षमता को बढ़ाकर, 100 लाख हेक्टेयर तक ले जाने का लक्ष्य है. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार, खेत से लेकर कारखाने तक यानी फार्म टू फैक्ट्री तक, पूरी वैल्यू चेन तैयार कर रही है. मृगनयनी देश का ऐसा, पहला सार्वजनिक उपक्रम बन गया है, जिसने प्रदेश के बुनकरों, कलाकारों और ओडीओपी उत्पादों को ग्लोबल मार्केट से जोड़ने के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म बनाया है.

राष्ट्रीय हाथकरघा दिवस के अवसर पर प्रदेश में हैण्डलूम सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का शुभारंभ भी किया गया है. उन्होंने कहा कि युवा, मध्यप्रदेश के सामर्थ्य का जीवन्त प्रतीक हैं. राज्य सरकार ने वर्ष 2025 को, निवेश और रोजगार वर्ष के रूप में मनाया था, वर्ष 2026 किसान कल्याण वर्ष है और अब इसे आगे बढ़ाते हुए वर्ष 2027 को, हमने युवा वर्ष के रूप में, मनाने का निर्णय लिया है. युवाओं के संपूर्ण व्यक्तित्व विकास और कल्याण के लिए, हमने इन्द्रधनुषी रणनीति का निर्माण किया है, जिसके 7 महत्वपूर्ण स्तंभ हैं- गुणवत्तायुक्त शिक्षा, कौशल विकास, उद्यमिता एवं स्वरोजगार, सार्वजनिक एवं निजी क्षेत्र में रोजगार के अवसर, स्टार्टअप्स को सहयोग, खेल-कला-संस्कृति-शोध एवं अनुसंधान प्रोत्साहन और नेतृत्व क्षमता विकास.

सरकार का लक्ष्य युवाओं को सशक्त बनाना

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमने 85 हजार से अधिक युवाओं की शासकीय सेवाओं में नियुक्तियां की हैं तथा आने वाले समय में प्रतिवर्ष एक लाख से अधिक युवाओं को सार्वजनिक क्षेत्र में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराएंगे. इसी प्रकार हमारी सरकार अगले 1 वर्ष में 1 लाख से अधिक युवाओं को आईटीआई में तथा प्रतिवर्ष 10 हजार युवाओं को ग्लोबल स्किल पार्क में कौशल प्रशिक्षण दिलाने का काम करेगी.

हम कौशल विकास के अंतर्गत मध्यप्रदेश में एक अलग प्लेसमेंट सेल बनाऐंगे, जो उद्योग और सरकार के बीच, एक कड़ी का काम करेगा. उन्होंने कहा कि उद्यम पोर्टल पर विगत ढाई वर्षों में, 3 लाख 34 हजार से अधिक विनिर्माण ईकाईयां पंजीकृत हुई, जिनमें 33 लाख 80 हजार युवाओं को, प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर प्राप्त हुए हैं.

वृहद औद्योगिक ईकाईयों में भी, 50 हजार से अधिक युवाओं को रोजगार प्रदान किया गया है. राज्य सरकार अगले ढाई वर्ष में, उन युवाओं पर विशेष रूप से फोकस करने जा रही है, जो किसी कारण से 10वीं की परीक्षा में उत्तीर्ण नहीं हो पाए अथवा जिन्होंने 10वीं के बाद पढ़ाई छोड़ दी है. हम ऐसे युवाओं के हाथ में हुनर देकर, उन्हें इतना सशक्त बनाएंगे कि वे प्रदेश ही नहीं बल्कि देश और विदेश जाकर भी रोजगार प्राप्त कर सकें.

jagjaahir desk

पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है।
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