रेस्टोरेंट का खाना बना ज़हर, 5 साल की मासूम बच्ची की दर्दनाक मौत…सड़ी दाल, फफूंद लगा चीज़ और 10 दिन पुराना दूध

शहर के वराछा इलाके में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक नामी रेस्टोरेंट का जहरीला और दूषित खाना खाने से एक ही परिवार के 5 लोग गंभीर फूड पॉइजनिंग का शिकार हो गए। इलाज के दौरान 5 साल की मासूम बच्ची की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि माता-पिता और दो बहनों का अस्पताल में इलाज जारी है। घटना के बाद हरकत में आए प्रशासन ने रेस्टोरेंट को सील कर 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।

15 अगस्त की रात खाया था खाना, सुबह से शुरू हुईं उल्टियां

रणुजाधाम सोसाइटी में रहने वाले अशोक कलसरिया (35) 15 अगस्त की रात वराछा स्थित ‘शीतल रेस्टोरेंट’ से पनीर और काजू लहसुनिया की सब्जी लेकर घर पहुंचे थे। परिवार ने रात 8:30 बजे खाना खाया। इसके ठीक 7 घंटे बाद, 16 अगस्त की सुबह 4 बजे से ही परिवार के सभी सदस्यों को तेज उल्टियां और दस्त शुरू हो गए।

शुरुआत में स्थानीय डॉक्टर से इलाज कराया गया, लेकिन हालत बिगड़ने पर सभी को अस्पताल में भर्ती कराया गया। 17 अगस्त को 5 साल की बच्ची आर्या की स्थिति बेहद नाजुक हो गई, जिसके बाद उसने दम तोड़ दिया। बच्ची की मौत के सदमे में उसकी बुआ की तबीयत भी बिगड़ गई, जिन्हें इलाज के लिए भर्ती कराना पड़ा है। फिलहाल अशोक, उनकी पत्नी जोशना (32) और दो बेटियों तेजस्वी (12) व नव्या (10) का इलाज चल रहा है।

फ्रिज खोलते ही आई तेज दुर्गंध, मिला सड़ा-गला सामान

घटना की सूचना मिलते ही खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने रेस्टोरेंट पर छापा मारा। जांच के दौरान जो तस्वीरें सामने आईं, वे बेहद भयानक थीं:

  • सड़ी हुई दाल और फफूंद: रसोई में रखी दाल पूरी तरह काली पड़ चुकी थी और उसमें फफूंद (फंगस) लगी हुई थी।
  • एक्सपायर्ड दूध और चीज: फ्रिज में 10 से 13 दिन पुराना सड़ा हुआ दूध और फफूंद लगा चीज मिला।
  • असहनीय बदबू: जांच अधिकारियों के अनुसार, फ्रिज खोलते ही सड़े हुए खाने की ऐसी तेज दुर्गंध आई कि सभी को अपनी नाक बंद करनी पड़ी।
  • गंदगी और एसिड: रसोई में चारों तरफ गंदगी का अंबार था और खाद्य पदार्थों के पास ही एसिड के कैन रखे हुए पाए गए।

टीम ने मौके से 80 किलो संदिग्ध और दूषित खाद्य सामग्री को तुरंत नष्ट कराया और पनीर व दाल के सैंपल जांच के लिए भेजे।

प्रशासनिक रिपोर्ट पर उठे गंभीर सवाल

इस पूरी घटना ने खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर बड़ा सवालिया निशान लगा दिया है। अधिकारियों के मुताबिक, बीते डेढ़ वर्षों (2025-26) के दौरान इसी रेस्टोरेंट से 4 बार खाद्य सामग्री के सैंपल लिए गए थे और चारों बार वेसू स्थित लेबोरेटरी से ‘पास’ घोषित हुए थे। ऐसे में यह जांच का विषय है कि इतने असुरक्षित रेस्टोरेंट को बार-बार हरी झंडी कैसे मिलती रही।

कार्रवाई: 300 होटलों पर छापेमारी, 17 प्रतिष्ठान बंद

इस त्रासदी के बाद स्वास्थ्य विभाग ने पूरे शहर में सघन चेकिंग अभियान चलाया:

  • 300 से अधिक होटल और रेस्टोरेंट की जांच की गई।
  • 208 प्रतिष्ठानों को नियमों के उल्लंघन पर नोटिस जारी किया गया।
  • 17 होटल-रेस्टोरेंट को तुरंत प्रभाव से बंद करा दिया गया।
  • 1,641 किलो से अधिक दूषित खाद्य सामग्री नष्ट की गई और कुल ₹4.17 लाख का जुर्माना वसूला गया।

डॉक्टर्स की चेतावनी: बच्चों के लिए क्यों जानलेवा साबित होता है दूषित खाना?

बाल रोग विशेषज्ञों के अनुसार, वयस्कों (50-60 किग्रा) की तुलना में छोटे बच्चों (14-16 किग्रा) का शरीर बैक्टीरिया के विषैले असर को बर्दाश्त नहीं कर पाता:

  • तेजी से डिहाइड्रेशन: उल्टी और दस्त के कारण बच्चों के शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स (सोडियम-पोटेशियम) का स्तर मिनटों में गिर जाता है, जिससे कार्डियक अरेस्ट (दिल की धड़कन रुकना) का खतरा रहता है।
  • कमजोर इम्यून सिस्टम: 5 साल तक की उम्र में रोग प्रतिरोधक क्षमता पूरी तरह विकसित नहीं होती।
  • सेप्टिक शॉक: दूषित भोजन के बैक्टीरिया (जैसे E. coli या Salmonella) आंतों के जरिए खून में फैल जाते हैं, जिससे मल्टी-ऑर्गन फेलियर (अंगों का काम बंद करना) हो जाता है।

jagjaahir desk

पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है।
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