शिक्षा व्यवस्था से लेकर राम मंदिर तक, आज CWC की बैठक में मल्लिकार्जुन खरगे का सरकार पर हमला बोला

कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने बुधवार को दिल्ली के इंदिरा भवन (कांग्रेस मुख्यालय) में CWC की एक बेहद महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता की. संसद सत्र के समापन के बाद आयोजित इस बैठक में कई बड़े राजनीतिक मुद्दों और आगामी रणनीतियों पर गंभीर मंथन किया गया.
कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) की बैठक के दौरान मल्लिकार्जुन खरगे ने अपने संबोधन में कहा कि संसद सत्र के समापन के बाद हम लोग पहली बार मिल रहे हैं. कुछ बेहद ज्वलंत मुद्दों पर हमें आपस में चिंतन मनन करना है. आज हमारी सामूहिक चिंता का सबसे बड़ा बिंदु युवा हैं. आजादी की 80 साल हो गए पर कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में स्थितियां बेहतर होने की जगह बदतर होती जा रही हैं.
खरगे ने कहा कि दुनिया का सबसे युवा देश भारत ही है. और युवा हमारा भविष्य हैं. लेकिन सरकार की गलत नीतियों ने हमारे युवाओं को भारी हताशा के दलदल में धकेल दिया है. सांप्रदायिक उन्माद और रेवड़ी कल्चर की होड़ में सबसे अधिक उपेक्षा युवाओं के शिक्षा और रोजगार की हुई है. खरगे ने कहा, इस मौके पर मैं राजीव गांधी का खासतौर पर स्मरण करना चाहूंगा. कल यानी गुरुवार को उनकी जन्म जयंती है. उन्होंने प्रचंड बहुमत की सरकार में रहते हुए अपनी नीतियों के केंद्र में नौजवानों को रखा था.
राजीव गांधी ने युवाओं की बड़ी भूमिका दी
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि राजीव गांधी ने युवाओं को बड़ी भूमिका मिले, इस इरादे से voting की उम्र 21 साल से घटा कर 18 साल की. देश के हर जिले में नवोदय विद्यालयों का नेटवर्क खड़ा किया. स्वामी विवेकानंद की जयंती को राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप मे मनाने का सिलसिला उसी दौरान आरंभ हुआ. उन्होंने व्यापक विचार मंथन के बाद जो राष्ट्रीय शिक्षा नीति तैयार कराई, उसमें डिग्री के साथ रोजगार और skill development को जोड़ा.
मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि महिलाओं और कमजोर तबकों को इसमें खास जगह मिली. इन बातों को हमारी आगे की सरकारों ने आगे बढाया. UPA सरकार में शिक्षा अधिकार से लेकर संस्थाओं के निर्माण औऱ विकास को गति मिली. लेकिन जब युवाओं पर चर्चा होती है तो हमारे कई साथी, इन बातों को मजबूती से नहीं रखते हैं, जबकि ये हमारी बड़ी उपलब्धियां हैं.
12 वर्षों में मोदी सरकार ने युवाओं को किया तबाह
खरगे ने कहा कि इसी के साथ IT और संचार क्रांति की भी बड़ी उपलब्धि है जिसने 21वीं सदी के भारत को शक्ति दी. आजादी के बाद से कांग्रेस के व्यापक प्रयासों की ही देन यह रहाकि देश में सस्ती और सुलभ शिक्षा मिली, जिससे सामाजिक-आर्थिक विकास का रास्ता गरीब औऱ कमजोर तबकों के लिए खुला. लेकिन पिछले 12 वर्षों में मोदी सरकार ने युवाओं के भविष्य को तबाह कर दिया है.
हाल के सालों में 94 हजार स्कूल बंद
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि नए स्कूल खुलने की जगह 94 हजार स्कूल हाल के सालों में बंद हो गए हैं. निजीकरण की होड़ में उच्च शिक्षा लगातार महंगी और आम परिवारों की पहुंच से बाहर होती जा रहीहै. शिक्षा संस्थानों में RSS के लोगों का कब्जा होता जा रहा है. इस हालात में भी जब पढ़ लिख कर युवा नौकरी की तलाश में निकलता है, तो पेपर लीक, भर्ती परीक्षाओं में घोटाला और नियुक्तियों में देरी से उसका सामना होता है. इसमें सबसे बुरी हालत गरीब और कमजोर हैसियत वाले बच्चों की होती है.
इसीलिए पूरे देश भर में युवाओं में जो रोष उभरा है वो कोई एक दिन का नहीं है. इस सरकार के पास उनकी बातें सुनने की फुरसत कभी रही नहीं. सरकार समस्या को टालने के लिए हर बार कोई temporary उपाय खोजती रही. इसलिए उनको सड़क पर उतरने को मजबूर होना पड़ा.
मानसून सत्र में PM मोदी और शाह सवाल से बचते रहे
खरगे ने कहा कि कांग्रेस ने उनकी दिक्कतों को अपने agenda में लिया है. राहुल गांधी ने छात्रों की गूंज कार्यक्रम के माध्यम से उनकी बातों को राष्ट्रीय पटल पर रखा है. संसद मे भी हम सबने प्रयास किया कि शिक्षा और परीक्षा के सवाल पर व्यापक मंथन हो. छात्रों पर हुई ज्यादती पर चर्चा हो, जवाबदेही तय हो. पर मोदी और अमित शाह पूरे मानसून सत्र में सवालों से बचते रहे. अब वे बोलने लगे हैं पर युवाओं के सवालों की जगह गैर मुद्दों को ही तूल दे रहे हैं.
समय आ गया है कि भविष्य की तैयारी के लिहाज से कांग्रेस युवाओं के लिए एक स्पष्ट, व्यापक और समयबद्ध Education-to-Employment Roadmap तैयार करे.
चंदा चोरी को लेकर सरकार पर हमला बोला
खरगे ने कहा कि साथियों, इसी तरह आम लोगों के भरोसे से जुड़ा दूसरा अहम सवाल राम मंदिर से जुड़ा है. राम मंदिर में हुए भारी घोटाले का मुद्दा जन जन के बीच गूंज रहा है. राम मंदिर निर्माण के लिए प्रधानमंत्री जी ने संसद में ट्रस्ट के गठन की घोषणा की थी. सोच विचार कर उन्होंने अपने लोगों को ट्रस्ट में रखा होगा. आम लोगों ने यह सोच कर इसमें दिल खोल कर चंदा, सोना- चांदी दिया कि ट्रस्ट प्रधानमंत्री ने बनाया है इसलिए ईमानदारी से काम होगा. लेकिन वहां पर भारी घोटाला सामने आया है. लोग सवाल पूछ रहे हैं पर पीएम मोदी लगातार मौन हैं.
खरगे ने कहा कि देश जानना चाहता है कि वहां कितना चढ़ावा आया, कितना सोना-चांदी और अन्य बहुमूल्य सामग्री आई? उसका लेखा-जोखा क्या है? केवल चंद छोटे लोगों को जेल भेजने भर से ये मामला समाप्त नहीं होगा. इस मुद्दे को BJP जितना divert करेगी, लोगों के मन में संदेह उतना ही गहरा होगा. इसलिए मोदी को इस मामले में आस्थावान जनता से क्षमा मांगनी चाहिए और इस मसले पर जवाब देना चाहिए.
राष्ट्रीय सुरक्षा पर राजनीति नहीं होनी चाहिए
कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) की बैठक के दौरान खरगे ने कहा कि साथियों, पिछले दिनों चीन द्वारा हमारी सीमा में अतिक्रमण से जुड़े गंभीर तथ्य सामने आए हैं. सरकार को इस पर ईमानदारी से बात रखनी चाहिए थी, पर आदत के मुताबिक सरकार ने सूत्रों के पीछे छिपते हुए इन खबरों को गलत बताया है. हमारा स्पष्ट मत है – राष्ट्रीय सुरक्षा पर राजनीति नहीं होनी चाहिए. पर राष्ट्रीय सुरक्षा की किसी भी स्तर पर अनदेखी भी नहीं होनी चाहिए. हमारी देश की सीमाओं की वास्तविक हकीकत क्या है, ये देश के नागरिकों को जानने का अधिकार है.
क्या यह सरकार जनता के भरोसे के लायक है?
2020 के गलवान झड़प के बाद देश ने प्रधानमंत्री का वो बयान सुना था कि न कोई घुस आया है और न कोई घुसा हुआ है. 6 वर्ष बाद भी सीमा से जुड़े गंभीर सवाल उठ रहे हैं पर सरकार स्पष्ट जानकारी नहीं दे रही. सेना बखूबी अपना काम कर रही है. हम जवानों के जज्बे और जोश को सलाम करते हैं. हमारा सवाल सरकार से है. लोकतंत्र में सरकार की जवाबदेही हमें सुनिश्चित करना है. साथियों, युवाओं का भविष्य, जनता की आस्था और देश की सीमाएं-ये तीनों के केंद्र में एक ही सवाल है: क्या यह सरकार जनता के भरोसे के लायक है?
बैठक में मौजूद सभी नेता बातों पर गौर करेंगे
खरगे ने कहा कि आज की इस कार्यसमिति की बैठक में हमें इन विषयों पर गंभीरता से विचार करने के साथ देश के सामने विकल्प, नीति और समाधान भी रखना होगा. हमारा भरोसा है कि आप सभी इन बातों पर गौर करेंगे. क्योंकि तत्काल हमारे सामने पांच राज्यों के चुनाव हैं, उसकी तैयारी शुरू हो चुकी है.











