फर्जी वेबसाइट बनाकर फर्जीवाड़ा, यूनिवर्सिटी प्रवेश के नाम पर छात्रों से जमा कराई फीस

साईं नाथ एजुकेशनल ट्रस्ट की यूनिवर्सिटी के नाम से मिलती-जुलती फर्जी वेबसाइट बनाकर छात्रों से फीस वसूलने का मामला सामने आया है. फर्जी वेबसाइट के जरिए छात्रों को प्रवेश देने और परिणाम दिखाने का दावा किया गया, जबकि जमा कराई गई फीस संस्थान के खाते में नहीं पहुंची.
शिकायत से खुला मामला
साईं नाथ एजुकेशनल ट्रस्ट के ट्रस्टी चंद्र प्रकाश अग्रवाल ने आगरा के साइबर थाना पुलिस से मामले की शिकायत की. उन्होंने बताया कि ट्रस्ट का मुख्यालय आगरा में है और यूनिवर्सिटी की आधिकारिक वेबसाइट sainathuniversity.com और sainathuniversity.net हैं.
इन दोनों वेबसाइट पर संस्थान से संबंधित आधिकारिक सूचनाएं, प्रवेश प्रक्रिया और परिणाम जारी किए जाते हैं. हाल ही में एक छात्रा ने संस्थान से शिकायत की कि उसने 32 हजार रुपये फीस के तौर पर जमा किए, लेकिन रकम यूनिवर्सिटी के बैंक खाते में नहीं पहुंची.
मिलती-जुलती वेबसाइट
छात्रा से वेबसाइट की जानकारी मिलने के बाद संस्थान को फर्जीवाड़े का पता चला. जांच में सामने आया कि sainathuniver-sityresult.com नाम से मिलती-जुलती वेबसाइट बनाई गई थी, जिसके जरिए छात्रों को गुमराह कर रकम जमा कराई जा रही थी.
ट्रस्टी ने पुलिस से फर्जी वेबसाइट को बंद कराने की मांग की. शिकायत में यह भी कहा गया कि इस फर्जीवाड़े से संस्थान की प्रतिष्ठा प्रभावित होने के साथ छात्रों का भविष्य भी खतरे में पड़ सकता है.
बिहार के डिजाइनर का नाम
डीसीपी साइबर क्राइम आदित्य सिंह के मुताबिक, साइबर थाना पुलिस ने ट्रस्टी की शिकायत पर जांच की. जांच में पता चला कि वेबसाइट बिहार के डिजाइनर नीरज मिश्रा ने तैयार की है.
पुलिस उस बैंक खाते की जानकारी जुटा रही है, जिसमें वेबसाइट के जरिए रकम जमा कराई गई. फिलहाल ट्रस्टी ने एक छात्रा की शिकायत की जानकारी दी है, लेकिन पुलिस को आशंका है कि मामले में पीड़ितों की संख्या बढ़ सकती है. ऐसे पीड़ितों को इसी मुकदमे में शामिल किया जाएगा.
क्या है फिशिंग
साइबर अपराध में इस तरह की करतूत को फिशिंग कहा जाता है. इसमें किसी वास्तविक कंपनी, बैंक या सरकारी विभाग के नाम से मिलती-जुलती वेबसाइट, ईमेल, संदेश या लिंक तैयार करके लोगों से पासवर्ड, बैंक खाता नंबर और क्रेडिट या डेबिट कार्ड की जानकारी हासिल कर ठगी की जाती है.











