रायगढ़ में जमीन विवाद में ग्रामीण की हत्या, पिता-बेटे को उम्रकैद; रस्सी से गला घोंटने का आरोप

रायगढ़ जिले के रैरुमाखुर्द चौकी क्षेत्र में जमीन बंटवारे को लेकर हुए विवाद में एक ग्रामीण की हत्या के मामले में अदालत ने पिता-पुत्र को दोषी ठहराया है। अपर सत्र न्यायालय ने दोनों आरोपियों को आजीवन कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई है। मृतक के आश्रितों को एक लाख रुपए की क्षतिपूर्ति देने की भी अनुशंसा की गई है।

मामला जनवरी 2023 का है। मृतक सबल साय की मां को जानकारी मिली थी कि जमीन विवाद को लेकर उसके बेटे की हत्या कर दी गई है। घर पहुंचने पर आंगन में खून के निशान और बरामदे में सबल का शव मिला था।

जमीन बंटवारे को लेकर था विवाद

पुलिस जांच में सामने आया कि पारिवारिक जमीन के बंटवारे को लेकर सबल साय और उसके चाचा समारू मांझी के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। अभियोजन के मुताबिक, घटना वाले दिन समारू मांझी और उसके बेटे श्रवण उर्फ संचय मांझी ने सबल के साथ मारपीट की और बाद में उसकी हत्या कर दी।

जांच के दौरान पुलिस ने गवाहों के बयान और अन्य साक्ष्य जुटाए। विवेचना पूरी होने के बाद दोनों आरोपियों के खिलाफ हत्या समेत अन्य धाराओं में चालान पेश किया गया।

अदालत ने सुनाई उम्रकैद

मामले की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश अभिषेक शर्मा की अदालत में हुई। साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अदालत ने समारू मांझी और श्रवण उर्फ संचय मांझी को दोषी माना और दोनों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। दोनों पर 1-1 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया गया।

इसके अलावा न्यायालय ने मृतक के आश्रितों को विधिक सेवा प्राधिकरण, रायगढ़ के माध्यम से एक लाख रुपए की क्षतिपूर्ति राशि दिलाने की अनुशंसा की है।

jagjaahir desk

पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है।
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