मोरबे बांध का जलस्तर 93% पहुंचा, गोकुलाष्टमी से पानी की कटौती खत्म; त्योहारों पर मिलेगी नियमित सप्लाई

मोरबे बांध में जलस्तर 93 प्रतिशत तक पहुंचने के बाद मनपा ने त्योहारों के मौसम को देखते हुए पानी की कटौती वापस लेने का फैसला किया है। यह निर्णय गोकुलाष्टमी से लागू होगा। पानी कटौती खत्म होने से त्योहारों के दौरान नागरिकों को नियमित जलापूर्ति मिल सकेगी।

जलस्तर बढ़ने से मिली राहत

मोरबे बांध में जलस्तर कम होने के कारण मनपा ने पहले शहर में पानी की कटौती लागू की थी। अब बांध में पर्याप्त जल भंडार उपलब्ध होने के बाद कटौती हटाने का निर्णय लिया गया है। गणेशोत्सव की तैयारियों के बीच यह फैसला नागरिकों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है।

त्योहारों में नियमित होगी जलापूर्ति

गणेशोत्सव की पृष्ठभूमि में आयोजित समीक्षा बैठक में महापौर सुजाता पाटिल ने पानी कटौती वापस लेने की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि त्योहारों के दौरान नागरिकों को नियमित पानी उपलब्ध कराया जाएगा।

पानी कटौती के कारण खासकर गृहिणियों को रोजमर्रा के कामकाज में परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। ऐसे में नियमित जलापूर्ति शुरू होने से त्योहारों के दौरान लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है।

पानी की बर्बादी रोकने की अपील
महापौर ने पर्याप्त जल भंडार उपलब्ध होने के बावजूद नागरिकों से पानी का किफायती इस्तेमाल करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि जलस्रोत में पानी की उपलब्धता बढ़ी है, लेकिन भविष्य की जरूरतों को देखते हुए पानी की बर्बादी से बचना जरूरी है।

गाड़ियों और सफाई में ट्रीटेड पानी का इस्तेमाल
नवी मुंबई मनपा ने नागरिकों से अपील की है कि जहां संभव हो, गाड़ियां धोने, परिसर की सफाई और अन्य गैर-जरूरी कार्यों के लिए शोधित (ट्रीटेड) सीवेज पानी का इस्तेमाल किया जाए। इससे पीने योग्य पानी की बचत करने में मदद मिलेगी। मनपा का कहना है कि त्योहारों के दौरान नियमित जलापूर्ति के साथ नागरिकों की भी जिम्मेदारी है कि वे उपलब्ध पानी का विवेकपूर्ण उपयोग करें और अनावश्यक बर्बादी रोकें।

jagjaahir desk

पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है।
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