रायगढ़ में हाथियों का आतंक, 26 किसानों की धान की फसल बर्बाद

रायगढ़ जिले में हाथियों का उत्पात लगातार बढ़ता जा रहा है। जंगलों से निकलकर हाथियों के दल रात के समय गांवों के आसपास पहुंच रहे हैं और खेतों में घुसकर धान की फसल को नुकसान पहुंचा रहे हैं। मंगलवार रात अलग-अलग इलाकों में हाथियों ने 26 किसानों की फसल रौंद दी। वन विभाग की टीम ने सुबह गांवों में पहुंचकर नुकसान का आकलन शुरू कर दिया है।

धरमजयगढ़ में कई गांवों की फसल प्रभावित

धरमजयगढ़ वन मंडल के बाकारूमा रेंज के पोलाईआर्ट, सिसरिंगा और सोनपुर में हाथियों ने 7 किसानों की धान की फसल को नुकसान पहुंचाया। धरमजयगढ़ रेंज के नागदरहा में फीरसिंह राठिया के खेत को नुकसान हुआ।

बोरो रेंज के धवाईडांड में जगरमोती भुइंहर और मानसाय यादव के खेत हाथियों ने रौंद दिए। छाल रेंज के चुहकीमार में हिरिराम, हीरा राम, चमार और राम समेत 7 किसानों की फसल बर्बाद हुई। वहीं कापू रेंज के रायमेर और किरिया में बुधनसाय, पेशराम, बहादुर एक्का, प्रेमसाय एक्का और दिलीप के खेतों में भी हाथियों ने धान की फसल को नुकसान पहुंचाया।

रायगढ़ वन मंडल में भी हाथियों ने मचाया नुकसान

रायगढ़ वन मंडल के जुनवानी में कृष्ण गोपाल मालाकार, तिलकराम मालाकार, जहरीराम टोप्पो और चैतमति तिर्की के खेतों में हाथियों ने फसल रौंद दी। हाथियों के खेतों में पहुंचने की सूचना मिलने पर ग्रामीणों और वन विभाग की टीम ने उन्हें जंगल की ओर खदेड़ने का प्रयास किया। काफी देर तक खेतों में रहने के बाद हाथी सुबह होने से पहले जंगल की ओर लौट गए।

26 किसानों को नुकसान, मुआवजे की तैयारी

फसल नुकसान की जानकारी मिलने के बाद वन विभाग की टीमें प्रभावित गांवों में पहुंचकर सर्वे कर रही हैं। नुकसान का आकलन पूरा होने के बाद किसानों को नियमानुसार मुआवजा देने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

जिले में 165 हाथियों की मौजूदगी

वन विभाग के अनुसार बुधवार तक रायगढ़ जिले के जंगलों में कुल 165 हाथी विचरण कर रहे हैं। इनमें धरमजयगढ़ वन मंडल में 108 और रायगढ़ वन मंडल में 57 हाथी हैं। धरमजयगढ़ में 32 नर, 48 मादा और 28 शावक हैं, जबकि रायगढ़ वन मंडल में 17 नर, 32 मादा और 8 शावक मौजूद हैं।

मुनादी कर ग्रामीणों को किया जा रहा सतर्क

हाथियों के लगातार मूवमेंट को देखते हुए वन विभाग प्रभावित इलाकों में निगरानी बढ़ा रहा है। गांवों में मुनादी कर लोगों को सतर्क किया जा रहा है और हाथियों से दूरी बनाए रखने की अपील की जा रही है। ग्रामीणों से खासतौर पर रात के समय जंगल और खेतों की ओर नहीं जाने को कहा गया है।

jagjaahir desk

पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है।
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