किश्तों में वेतन-पेंशन, जीविका दीदियों को पैसे का इंतजार:बड़े प्रोजेक्ट्स की रफ्तार धीमी, इंक्रीमेंट रुका, क्या आर्थिक संकट में है सम्राट सरकार?

19 अगस्त 2026 को बिहार सरकार ने फैसला किया कि उच्च शिक्षा के लिए छात्रों को स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के तहत सीधे 2 लाख रुपए मिलेंगे। शेष 2 लाख रुपए पाने के लिए दूसरा रास्ता बताया गया।
मामले ने तूल पकड़ा तो 5 दिन बाद सीएम सम्राट चौधरी ने ऐलान किया कि पहले की तरह छात्रों को 4 लाख रुपए कर्ज मिलेंगे।
स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना में बदलाव अकेला मामला नहीं। बिहार सरकार खर्च कम करने के लिए वेतन और पेंशन किश्तों में दे रही है। जीविका दीदियों को दूसरी किस्त का इंतजार है। ऐसे में सवाल है कि क्या बिहार सरकार वित्तीय संकट के कारण खर्च में कटौती कर रही है?
पैसे बचाने के लिए सरकार कौन से बड़े खर्च घटा रही, 10 पॉइंट
1- बड़े प्रोजेक्ट्स के लिए राशि आवंटन की रफ्तार धीमी
वित्त विभाग के कड़े प्रावधानों के कारण पथ निर्माण विभाग को बड़े प्रोजेक्ट्स के लिए राशि धीरे-धीरे जारी की जा रही है। जून और जुलाई में पैसे जारी करने की रफ्तार धीमी रही।
विभाग के बजट आवंटन के मुताबिक, 1 और 2 जून 2026 को बड़े प्रोजेक्ट्स के लिए कुल 260 करोड़ रुपए जारी किए गए।
- 2 जून 2026 को प्लान हेड 101 के तहत 150 करोड़ रुपए जारी किए गए। इसी दिन प्लान हेड 102 के तहत 84 करोड़ रुपए जारी किए गए।
- 1 जून 2026 को पथ निर्माण विभाग ने प्लान हेड 103 के लिए 55 करोड़ रुपए जारी किए थे।
- वहीं, प्लान हेड 124 के तहत 60 करोड़ रुपए की राशि 27 मई 2026 को जारी की गई थी। यह राशि UIDF-NHB के तहत जारी की गई थी।
2- बिहार के डेटा एंट्री ऑपरेटर का इंक्रीमेंट रोका गया
बिहार सरकार ने ठेके पर बहाल कर्मियों के इंक्रीमेंट पर रोक लगा दी है। हर साल मिलने वाला 10 फीसदी इंक्रीमेंट इस साल नहीं दिया गया है।
बिहार राज्य डेटा एंट्री ऑपरेटर संघ ने इसका विरोध किया है। उपमुख्यमंत्री एवं वित्त विभाग के मंत्री बीजेंद्र यादव को पत्र सौंपकर इंक्रीमेंट लागू करने की मांग की है।
बिहार में मुख्यमंत्री सचिवालय से लेकर पंचायत स्तर तक डेटा एंट्री ऑपरेटर काम कर रहे हैं। संघ का दावा है कि इनकी संख्या 20 हजार से अधिक है।











