जयपुर- CJP की मांग के बाद सरकारी-स्कूल पर चला बुलडोजर:18 लाख से बनेगी नई बिल्डिंग;12 दिन पहले ग्रामीणों ने सीजेपी प्रवक्ता को पीटकर भगाया था

जयपुर में रामपुरा सरकारी स्कूल के नवनिर्माण का काम बुधवार सुबह शुरू हो गया। बगरू विधानसभा क्षेत्र स्थित रामपुरा गांव के सरकारी स्कूल के जर्जर भवन को आज गिराया गया।
सरकार की ओर से करीब 18 लाख रुपए की राशि स्वीकृत होने के बाद पुरानी और जर्जर स्कूल बिल्डिंग को धराशायी कर निर्माण कार्य की शुरुआत कर दी गई। यह वही स्कूल है जहां कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने 21 अगस्त को विरोध प्रदर्शन किया था।
CJP प्रवक्ता को ग्रामीणों ने पीटा था
21 अगस्त को सीजेपी के कार्यकर्ता भवन की बदहाल स्थिति को लेकर सीजेपी ने विरोध किया था। सीजेपी के कार्यकर्ता गांव में निरीक्षण के लिए पहुंचे थे, जिनका ग्रामीणों ने विरोध किया और विवाद की स्थिति बन गई थी।CJP प्रवक्ता आशुतोष रांका और उनके साथियों पर हमला हुआ था। रांका राजकीय प्राथमिक स्कूल रामपुरा कंवरपुरा का निरीक्षण करने पहुंचे थे। ग्रामीणों ने उन्हें पीटकर वहां से खदेड़ दिया था।
सरकार यह काम पहले कर लेती तो नहीं होती हिंसा
CJP की जॉइंट सेक्रेटरी रेखा शर्मा ने रामपुरा स्कूल के नवनिर्माण के फैसले को पार्टी की बड़ी जीत बताया। उन्होंने कहा- भैंसों के तबेले में संचालित हो रहे रामपुरा स्कूल का अब नवनिर्माण होगा। सरकार यह काम पहले भी कर सकती थी, इसके लिए बीते दिनों हुई हिंसा की जरूरत नहीं थी।
रेखा शर्मा ने कहा- रामपुरा स्कूल के निर्माण की शुरुआत केवल एक स्कूल की लड़ाई नहीं है। पार्टी तब तक अपनी आवाज उठाती रहेगी, जब तक राजस्थान के सभी सरकारी स्कूलों की स्थिति बेहतर नहीं हो जाती।
अब नजर इस बात पर रहेगी कि रामपुरा स्कूल का नया भवन कब तक तैयार होता है और बच्चों को कब एक सुरक्षित और बेहतर स्कूल परिसर मिल पाता है।
ग्रामीणों ने फैसले का किया स्वागत
ग्रामीण लालचंद शर्मा ने सरकार के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि गांव के जर्जर हो चुके स्कूल भवन को हटाकर नए सिरे से निर्माण कराया जा रहा है, जो स्वागत योग्य कदम है। बीते दिनों स्कूल के मुद्दे को लेकर जिस तरह का घटनाक्रम और अराजकता हुई, उसकी जरूरत नहीं थी। स्कूल ज्ञान का मंदिर है और इसके नाम पर राजनीति नहीं होनी चाहिए।
शर्मा ने कहा, पूरा गांव सरकार के इस फैसले से खुश है और ग्रामीण स्कूल के निर्माण कार्य में हर संभव सहयोग करेंगे। गांव के लोग बीते दिनों हुए घटनाक्रम को भूलकर आगे बढ़ना चाहते हैं। ग्रामीणों को उम्मीद है कि नए भवन के बनने के बाद बच्चों को बेहतर और सुरक्षित माहौल में शिक्षा मिल सकेगी।











