शुभमन गिल ने टीम इंडिया की बड़ी कमजोरी का बताया इलाज, WTC Final की राह आसान बना सकती है ये सलाह

टीम इंडिया अभी WTC के पॉइंट्स टेबल में 5वें नंबर पर है. वहीं, WTC का फाइनल खेलने के लिए उसका टॉप 2 में आना जरूरी है. अब इसके लिए टीम इंडिया को क्या करना होगा? जाहिर है आगे होने वाले सभी टेस्ट एक के बाद एक जीतने पड़ेंगे. लेकिन, बगैर अपनी कमजोरी को दूर भगाए ऐसा होगा कैसे? अब आप सोच रहे होंगे कि वो कमजोरी क्या है? तो कल तक जो उसकी सबसे बड़ी ताकत थी, वही बीते कुछ सालों में कमजोरी बनकर सामने आई है. हम बात कर रहे हैं स्पिन के खिलाफ भारतीय बल्लेबाजों के स्ट्रगल की.
गिल की सलाह, आसान करेगी WTC फाइनल की राह
कप्तान शुभमन गिल ने इसी कमजोरी का इलाज बताया है. उन्होंने BCCI को एक बड़ी सलाह दी है. भारत के WTC फाइनल में पहुंचने रास्ता आगे होने वाले उसके 7-8 टेस्ट से तय होना है. उनमें से 5 टेस्ट ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ होने वाले बॉर्डर गावस्कर सीरीज के होंगे, जो कि भारतीय टीम को अपने घर में ही खेलना है. अब कहने को तो कहा जा सकता है कि घर में टेस्ट है तो डरना क्या? लेकिन, भारतीय बल्लेबाजों ने स्पिन फ्रेंडली अपनी घरेलू पिच पर जिस तरह से बीते कुछ सालों में घुटने टेके हैं, डर की असली वजह वही है. भारतीय कप्तान शुभमन गिल उस डर को ही किल करना चाहते हैं, ताकि ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 5 टेस्ट को जीतकर WTC फाइनल की उम्मीदों में जान फूंकने में कोई बाधा ना हो.
शुभमन गिल ने क्या सलाह दी?
शुभमन गिल ने स्पिन के खिलाफ भारतीय बल्लेबाजों की नाकामी को देखते हुए ये सलाह दी है कि अगर कुछ बल्लेबाज ऑस्ट्रेलिया ए के खिलाफ खेलें और उन्हें वहां थोड़ी टर्न लेती पिच उपलब्ध कराई जाए तो उससे बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी की तैयारियों को बल मिलेगा.
BCCI के सूत्रों के हवाले से TOI ने अपनी रिपोर्ट में लिखा है कि बीते 2 सालों में टर्न लेती घरेलू पिच पर भारतीय बल्लेबाज संघर्ष करते दिखे हैं. ऐसे में गिल ने कुछ बल्लेबाजों को ऑस्ट्रेलिया ए के खिलाफ खिलाने की सलाह दी है. साथ ही उन्होंने उन मैचों में टर्निंग पिच बनाने की भी सलाह दी. BCCI सूत्रों ने कहा कि बेशक वो BGT को ध्यान में रखते हुए ऑस्ट्रेलिया ए के खिलाफ पूरी तरह से तो टर्निंग पिच मुहैया नहीं करा सकते. लेकिन, ऐसी पिच जरूर तैयार कर सकते हैं, जिस पर बाद में थोड़ा टर्न देखने को मिले.
गिल की सलाह पर अमल करने में समस्या क्या है?
BCCI सूत्रों ने आगे कहा कि हालांकि गिल की सलाह को अमल में लाने में एक समस्या है और वो ये कि इरानी ट्रॉफी के चलते बहुत कम ही टेस्ट प्लेयर ऑस्ट्रेलिया ए के खिलाफ खेलने के लिए उपलब्ध होंगे. अगर हम उन्हें ऑस्ट्रेलिया ए के खिलाफ मौका देते हैं तो फिर इरानी ट्रॉफी में रेस्ट ऑफ इंडिया की टीम कमजोर दिखेगी, जिसका असर वहां मैचों के स्टैंडर्ड पर पड़ेगा.











