बलौदाबाजार में बिचौलियों के अवैध धान पर प्रशासन का कड़ा एक्शन, 350 कट्टा जब्त

बलौदाबाजार, छत्तीसगढ़: जिले में खरीफ विपणन सीजन शुरू होने से पहले प्रशासन ने अवैध धान भंडारण और परिवहन पर कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। मंगलवार को जिला खाद्य विभाग और मंडी अधिकारियों की संयुक्त टीम ने 5 अलग-अलग स्थानों से कुल 345 कट्टा अवैध धान जब्त किया। अधिकारियों का कहना है कि कुछ बिचौलिये किसानों से कम दाम पर धान खरीदकर उसे अवैध रूप से गोदामों में जमा कर रहे थे, ताकि खरीदी केंद्र खुलने पर इसे वैध धान के रूप में बेचा जा सके।

कार्रवाई के दौरान असनींद के गणेश राम पटेल की दुकान से 60 कट्टा, सेल गांव के प्रेम लाल साहू की दुकान से 50 कट्टा, बलौदाबाजार मंडी के खोरसीनाला स्थित यहोवा ट्रेडर्स से 125 कट्टा, रसेड़ी के निषाद ट्रेडर्स से 50 कट्टा और सिमगा मंडी क्षेत्र के पूरन लाल साहू से 60 कट्टा धान जब्त किया गया। कलेक्टर दीपक सोनी ने बताया कि जिले में किसी भी स्तर पर अवैध धान का भंडारण या परिवहन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

प्रशासन ने जिले में 12 स्थायी चेकपोस्ट भी स्थापित किए हैं, जहां मंडी, सहकारिता और राजस्व विभाग के अधिकारी तैनात रहेंगे। इन चेकपोस्ट का उद्देश्य जिले की सीमाओं पर हो रहे संदेहास्पद धान परिवहन की निगरानी करना है। इसके अलावा ग्राम स्तर पर कोटवार और पटवारियों को भी सक्रिय किया गया है ताकि खेतों से सीधे अवैध धान खरीदी की सूचना प्रशासन तक पहुंचे।

जिले में अवैध गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि पकड़े जाने पर बिचौलियों के खिलाफ FIR दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। खाद्य अधिकारी पुनीत वर्मा ने कहा कि वास्तविक किसानों का हर दाना खरीदा जाएगा और सही किसानों को ही धान खरीदी का लाभ मिलेगा।

धान खरीदी के लिए सभी सहकारी समितियों में तैयारियां लगभग पूरी हैं। धान खरीदी केंद्रों की मरम्मत, तौल मशीनों की जांच और टोकन व्यवस्था दुरुस्त की जा रही है। किसान पंजीकरण की प्रक्रिया भी पूरी कर ली गई है। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि धान खरीदी किसान का अधिकार है, व्यापारी का व्यवसाय नहीं।

अवैध धान जब्ती: प्रशासन ने खरीफ सीजन से पहले बिचौलियों पर कड़ा पहरा तानी

जिले में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 से पहले बिचौलियों के अवैध धान भंडारण और परिवहन पर प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। प्रत्येक तहसील में जांच टीमों की तैनाती और चेकपोस्ट के जरिए नियंत्रण सुनिश्चित किया जा रहा है, ताकि किसानों का लाभ सुरक्षित रहे।