नए वक्फ अधिनियम के बाद मध्य प्रदेश वक्फ बोर्ड का पुनर्गठन, 23,118 संपत्तियों का होगा प्रबंधन

साल 2025 में लागू नए वक्फ अधिनियम के तहत मध्य प्रदेश सरकार ने वक्फ बोर्ड का पुनर्गठन कर दिया है। इसके साथ ही मध्य प्रदेश नए प्रावधानों के अनुसार वक्फ बोर्ड का गठन करने वाला पहला राज्य बन गया है। सरकार ने बोर्ड के गठन की अधिसूचना जारी करते हुए कुल 11 सदस्यों के प्रावधान के तहत नई नियुक्तियां की हैं।

नवगठित वक्फ बोर्ड में सनवर पटेल को अध्यक्ष बनाया गया है। वहीं पहली बार दो हिंदू सदस्यों मनोज मालपानी और अनिमेष भार्गव को भी बोर्ड में शामिल किया गया है। सरकार का कहना है कि यह गठन नए अधिनियम के प्रावधानों के अनुरूप किया गया है।

वक्फ बोर्ड के आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार प्रदेश में कुल 23,118 वक्फ संपत्तियां दर्ज हैं। इनमें मस्जिद, कब्रिस्तान, ईदगाह, दरगाह, मदरसे और अन्य धार्मिक संपत्तियां शामिल हैं। सबसे अधिक 4,475 वक्फ संपत्तियां भोपाल जिले में दर्ज हैं। इसके बाद उज्जैन में 1,473, इंदौर में 1,307, शाजापुर में 1,213, विदिशा में 1,011 और रतलाम में 907 संपत्तियां दर्ज हैं।

वित्तीय आंकड़ों के अनुसार वक्फ बोर्ड को सरकारी अनुदान, चंदा निगरानी शुल्क और अन्य स्रोतों से हर वर्ष करोड़ों रुपये की आय प्राप्त होती है। यह आय वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन और अन्य प्रशासनिक कार्यों में उपयोग की जाती है।

मध्य प्रदेश वक्फ बोर्ड का मुख्यालय भोपाल में स्थित है। बोर्ड का प्रमुख दायित्व वक्फ संपत्तियों का संरक्षण, प्रबंधन और उनसे होने वाली आय का धार्मिक, शैक्षणिक तथा सामाजिक कल्याण के कार्यों में उपयोग सुनिश्चित करना है। इसके अलावा बोर्ड संपत्तियों का रिकॉर्ड संधारित करने, अतिक्रमण से सुरक्षा और विवाद की स्थिति में कानूनी कार्रवाई करने का भी जिम्मेदार है।

jagjaahir desk

पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है।
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