एमएसपी प्लांट से 14.22 लाख के लोहे की हेराफेरी का खुलासा, फर्जी ड्राइवर और नकली दस्तावेजों से रची गई साजिश

रायगढ़ जिले में एमएसपी प्लांट से 14.22 लाख रुपये मूल्य के एमएस चैनल और एमएस बीम की हेराफेरी के मामले का पुलिस ने खुलासा किया है। जांच में सामने आया कि आरोपियों ने फर्जी ड्राइवर, नकली ड्राइविंग लाइसेंस और दूसरे ट्रांसपोर्टर के वाहन नंबर का इस्तेमाल कर प्लांट से माल उठाया और निर्धारित स्थान तक पहुंचाने के बजाय उसे बेच दिया। मामले में पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि दो अन्य आरोपी अभी फरार हैं। मामला चक्रधर नगर थाना क्षेत्र का है।

पुलिस के अनुसार, ट्रांसपोर्ट व्यवसायी ईश्वरी सिंह ने शिकायत दर्ज कराई थी कि 19 नवंबर 2025 को खुद को ट्रांसपोर्टर का ड्राइवर बताने वाले एक व्यक्ति ने एमएसपी प्लांट, जामगांव से वाहन में 14.22 लाख रुपये मूल्य का एमएस चैनल और एमएस बीम लोड कराया। माल को जमशेदपुर भेजा जाना था, लेकिन वह तय गंतव्य तक नहीं पहुंचा।

जांच के दौरान पुलिस ने प्लांट के रिकॉर्ड, लोडिंग दस्तावेज और ट्रांसपोर्टर से पूछताछ की। इसमें पता चला कि कथित ड्राइवर फर्जी था और उसके दस्तावेज भी नकली थे। वास्तविक वाहन मालिक ने भी आरोपी की पहचान से इनकार कर दिया।

तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर गिरफ्तार आरोपी भगतपुरी गोस्वामी से पूछताछ में पूरे गिरोह का खुलासा हुआ। पुलिस के मुताबिक, गिरोह ने फर्जी पहचान और वाहन नंबर का इस्तेमाल कर करीब 30 टन लोहे का माल उठाया और उसे धनबाद में लगभग सात लाख रुपये में बेच दिया।

पुलिस ने इस मामले में भगतपुरी गोस्वामी, तसौवर अंसारी उर्फ शाहरूख, अभय कुमार रवानी और प्रेम कुमार रवानी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। वहीं राजीव मल्लिक और फर्जी ड्राइवर पुष पुरी गोस्वामी की तलाश जारी है। पुलिस ने साक्ष्य मिटाने और आपराधिक साजिश सहित अन्य धाराएं भी मामले में जोड़ी हैं।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि संगठित अपराधों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत इस तरह के मामलों में लगातार कार्रवाई की जा रही है और फरार आरोपियों को भी जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।

jagjaahir desk

पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है।
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