कोरबा में आकाशीय बिजली का कहर, धान रोपाई के दौरान 3 किसानों की मौत; प्रदेश में अगले तीन दिन भारी बारिश का अलर्ट

छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में धान की रोपाई के दौरान आकाशीय बिजली गिरने से तीन किसानों की मौत हो गई। हादसा कटघोरा थाना क्षेत्र के सलोरा-छुरी गांव में उस समय हुआ, जब 25 से 30 किसान खेत में रोपाई का काम कर रहे थे। अचानक मौसम बदलने के साथ तेज बारिश शुरू हुई और खेत की मेड़ पर बिजली गिरने से तीन किसान इसकी चपेट में आ गए।
घटना के बाद अन्य किसानों ने गंभीर रूप से झुलसे तीनों किसानों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कटघोरा पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृतकों की पहचान बहुराम (44), लक्ष्मी चंद (48) और श्याम साहू (58) के रूप में हुई है। तीनों सलोरा-छुरी गांव के निवासी थे।
इधर, पश्चिम बंगाल तट पर बने निम्न दबाव क्षेत्र का असर अब छत्तीसगढ़ में भी दिखाई देने लगा है। मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों तक प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी से अति भारी वर्षा, गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है।
मौसम विभाग के अनुसार, पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। इस मानसून सीजन में अब तक प्रदेश में सामान्य से 19 प्रतिशत कम वर्षा रिकॉर्ड की गई है। जिला स्तर पर सारंगढ़-बिलाईगढ़ में सामान्य से 59 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज हुई है, जबकि सरगुजा में सबसे कम 49 प्रतिशत वर्षा हुई है।
रविवार को भी प्रदेश के अनेक स्थानों पर बारिश जारी रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने कुछ जिलों में भारी से अति भारी बारिश और बिजली गिरने की आशंका जताई है। प्रदेश का सर्वाधिक अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस रायपुर में दर्ज किया गया, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान 22.6 डिग्री सेल्सियस पेंड्रा रोड में रिकॉर्ड हुआ।
मौसम विभाग का कहना है कि अगले 48 घंटों तक अधिकांश क्षेत्रों में बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। रायपुर में आसमान बादलों से घिरा रहने, गरज-चमक के साथ बारिश होने तथा अधिकतम तापमान 32 डिग्री और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि बंगाल की खाड़ी में सक्रिय निम्न दबाव क्षेत्र प्रभावी बना रहता है तो आने वाले दिनों में प्रदेश के वर्षा प्रभावित जिलों में अच्छी बारिश होने से बारिश की कमी की भरपाई हो सकती है और मौसमी वर्षा सामान्य स्तर के करीब पहुंच सकती है।











