छत्तीसगढ़ विधानसभा में अजय चंद्राकर का ‘पावर शो’: कुरुद विधायक के 3 सवालों ने हिला दी सत्ता की कुर्सी!

कुरुद/रायपुर: छत्तीसगढ़ विधानसभा का बजट सत्र उस वक्त ‘हाई-वोल्टेज’ ड्रामे में बदल गया, जब अपनी बेबाक बयानबाजी के लिए मशहूर भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने विपक्ष की भूमिका खुद संभाल ली. सदन में आलम यह था कि सामने कांग्रेस नहीं, बल्कि सत्ता पक्ष के ही ‘दिग्गज’ चंद्राकर के तीखे सवालों की बौछार से बचते नजर आए.

नशा माफिया पर ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ की मांग

​गृह मंत्री विजय शर्मा जब कार्रवाई के आंकड़े गिना रहे थे, तब चंद्राकर ने चुटकी लेते हुए कहा कि “आंकड़ों से पेट नहीं भरता और न ही समाज बचता है.” उन्होंने बस्तर से लेकर बलरामपुर तक फैले नशे के जाल को ‘भयावह’ बताते हुए चेतावनी दी कि अगर सरकार ने अब भी सिर्फ कागजी घोड़े दौड़ाए, तो अगली पीढ़ी बर्बाद हो जाएगी. उनके दबाव का ही असर था कि गृह मंत्री को सदन में ‘आर्थिक रीढ़ तोड़ने’ और करोड़ों की संपत्ति कुर्क करने का एलान करना पड़ा.

“मौत का मुहाना” और ड्राइविंग सेंटर की चुनौती

​सबसे तीखा वार परिवहन विभाग पर हुआ. जब मंत्री केदार कश्यप ने हादसों के आंकड़े पेश किए, तो चंद्राकर बिफर गए. उन्होंने कड़े शब्दों में पूछा— “क्या हम छत्तीसगढ़ को मौत के मुहाने पर खड़ा कर रहे हैं?” इतना ही नहीं, उन्होंने मंत्री को खुली चुनौती दे डाली कि “एसी कमरों से निकलकर मेरे साथ चलिए और ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटरों की बदहाली देखिए.” इस तीखे वार ने सदन में सन्नाटा खींच दिया.

गिग वर्कर: “कंपनियां ऐश कर रही हैं, गरीब मर रहा है”

​डिलीवरी बॉयज (गिग वर्कर) के मुद्दे पर चंद्राकर ने कॉर्पोरेट घरानों को जमकर धोया. उन्होंने ’10 मिनट डिलीवरी’ के खूनी खेल पर सवाल उठाते हुए कहा कि “कंपनियां मुनाफा कूट रही हैं और हमारे युवा सड़कों पर दम तोड़ रहे हैं.” उन्होंने सरकार को साफ लहजे में कह दिया कि केंद्र के नियमों का इंतजार करना छोड़िए और छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए खुद का ‘कवच’ (कानून) तैयार कीजिए.

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