“पहले इतिहास पढ़िए”: भूपेश बघेल के बयान पर भाजपा विधायक अजय चंद्राकर का तीखा हमला

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रायपुर : छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा दिए गए बयान कि “मुगल शासन में भी हिंदू खतरे में नहीं थे”, पर भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने तीखा पलटवार किया है.उन्होंने फारूक अली और मोहम्मद अली जिन्ना जैसे उदाहरण देते हुए बघेल के दावों को चुनौती दी.चंद्राकर ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और बघेल इस तरह के बयान केवल “वोट बैंक की राजनीति” के लिए दे रहे हैं.
अजय चंद्राकर ने कहा कि फारूक अब्दुल्ला, मोहम्मद अली जिन्ना और लियाकत अली खान जैसे नेताओं की पीढ़ियों में किस परिस्थिति में धर्मांतरण हुआ, इस पर पहले अध्ययन किया जाए.कश्मीर की डेमोग्राफी क्या थी और उसमें बदलाव क्यों आया, यह समझने के बाद ही बहस करनी चाहिए.उन्होंने आरोप लगाया कि बिना तथ्य और संदर्भ के बयान देना कांग्रेस की पुरानी आदत रही है.
वहीं आज जारी होने वाली एसआईआर ड्राफ्ट मतदाता सूची को लेकर चंद्राकर ने कहा कि ड्राफ्ट लिस्ट में मृतकों और पलायन कर चुके लोगों के नाम हटाए गए हैं.पूरी प्रक्रिया शत-प्रतिशत छत्तीसगढ़ में ही संपन्न हुई है.उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने अपने स्वभाव के अनुरूप इस प्रक्रिया पर कोई ठोस आपत्ति दर्ज नहीं कराई है.
अजय चंद्राकर के पलटवार के मुख्य बिंदु:
इतिहास का ज्ञान: चंद्राकर ने बघेल को सलाह दी कि वे “पहले ठीक से इतिहास पढ़ लें.उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री के बयान को “बिना सिर-पैर का” करार दिया.
कश्मीर का उदाहरण: पलटवार करते हुए चंद्राकर ने कश्मीर की बदलती डेमोग्राफी और वहां से हिंदुओं के पलायन का मुद्दा उठाया.
भूपेश बघेल का मूल बयान (22 दिसंबर 2025):
भूपेश बघेल ने दुर्ग में एक कार्यक्रम के दौरान कहा था कि मुगल शासन के दौरान भी हिंदू खतरे में नहीं थे और भाजपा-आरएसएस केवल डर फैलाकर पिछले तीन बार से चुनाव जीत रहे हैं.उन्होंने धीरेंद्र शास्त्री और प्रदीप मिश्रा जैसे कथावाचकों पर भी अंधविश्वास फैलाने और टोटके बताने का आरोप लगाया था.











