कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान में पहली बार होगा बटरफ्लाई मीट

छत्तीसगढ़ के बस्तर स्थित कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान में प्रकृति प्रेमियों के लिए एक विशेष आयोजन होने जा रहा है। यहां 5 से 7 दिसंबर तक तीन दिवसीय बटरफ्लाई मीट आयोजित किया जाएगा, जिसमें लगभग 50 प्रकृति प्रेमी और तितली विशेषज्ञ हिस्सा लेंगे। प्रतिभागियों को यहां पाई जाने वाली करीब 143 प्रजातियों की तितलियों को नजदीक से देखने, समझने और उनकी फोटो लेने का मौका मिलेगा।
उद्यान प्रबंधन के अनुसार, यह आयोजन पहली बार इतने बड़े पैमाने पर किया जा रहा है। कांगेर घाटी देश के उन चुनिंदा स्थानों में शामिल है जहां तितलियों की विविधता बेहद समृद्ध है। यहां पाए जाने वाले विभिन्न रंगों और आकारों की तितलियां इसे प्राकृतिक इतिहास का महत्वपूर्ण क्षेत्र बनाती हैं।
आयोजन में शामिल होने के लिए प्रतिभागियों को मेडिकल फिटनेस प्रमाणपत्र अनिवार्य रूप से प्रस्तुत करना होगा। केवल शारीरिक रूप से फिट व्यक्ति ही इस मीट में भाग ले सकेंगे, क्योंकि शिविर में ट्रैकिंग, जंगल भ्रमण और प्रकृति अध्ययन जैसी गतिविधियां शामिल हैं।
वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि यह मीट न केवल तितली प्रेमियों के लिए खास अवसर है, बल्कि इससे स्थानीय जैव-विविधता के संरक्षण को भी प्रोत्साहन मिलेगा। विशेषज्ञ यहां तितलियों के व्यवहार, पर्यावरण में उनकी भूमिका और संरक्षण से जुड़े मुद्दों पर कार्यशालाएं भी लेंगे।
कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान पहले से ही अपनी अनोखी भौगोलिक संरचना, गुफाओं, जलप्रपातों और दुर्लभ वन्य जीवों के लिए जाना जाता है। अब बटरफ्लाई मीट के आयोजन से यह क्षेत्र पर्यावरण वाइल्डलाइफ टूरिज्म के नए केंद्र के रूप में उभर सकता है।
स्थानीय लोगों में भी इस आयोजन को लेकर उत्साह देखा जा रहा है। वन विभाग का मानना है कि इससे न केवल क्षेत्र की पहचान मजबूत होगी बल्कि स्थानीय स्तर पर प्रकृति संरक्षण की भावना भी बढ़ेगी।











