छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिन बारिश के आसार, 4 जिलों में येलो अलर्ट; अब तक 21% कम हुई वर्षा

छत्तीसगढ़ में मानसून की रफ्तार जुलाई के दूसरे सप्ताह में धीमी पड़ गई है। राज्य में 1 जून से 11 जुलाई तक सामान्य से 21 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले पांच दिनों तक उत्तर छत्तीसगढ़ के कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। रविवार के लिए सरगुजा, सूरजपुर, बलरामपुर और जशपुर जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है। साथ ही कुछ स्थानों पर गरज-चमक और बिजली गिरने की आशंका भी जताई गई है।
पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हुई। सरगुजा संभाग में इसका प्रभाव सबसे अधिक देखने को मिला, जबकि बस्तर संभाग के कुछ क्षेत्रों में भी अच्छी वर्षा दर्ज की गई। इसके बावजूद पूरे मानसून सीजन के दौरान राज्य में औसत से कम बारिश होने के कारण कई जिले अब भी वर्षा की कमी से जूझ रहे हैं।
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 1 जून से 11 जुलाई के बीच प्रदेश में 252.4 मिमी बारिश हुई, जबकि इस अवधि में सामान्य रूप से 320.6 मिमी वर्षा होनी चाहिए थी। राज्य के 32 जिलों में से 16 जिलों में सामान्य से कम बारिश रिकॉर्ड की गई है, जबकि 14 जिलों में वर्षा सामान्य श्रेणी में रही है। सारंगढ़-बिलाईगढ़ प्रदेश का एकमात्र जिला है जहां सामान्य से 74 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई है। वहीं मुंगेली में भी सामान्य से 21 प्रतिशत अधिक वर्षा हुई है।
उत्तर छत्तीसगढ़ के जिलों में बारिश की कमी सबसे अधिक दर्ज की गई है। सरगुजा में 54 प्रतिशत, जशपुर में 42 प्रतिशत, कोरिया में 39 प्रतिशत, सूरजपुर में 30 प्रतिशत और मनेन्द्रगढ़-भरतपुर में 29 प्रतिशत कम बारिश हुई है। वहीं बस्तर, बीजापुर, कोंडागांव और सुकमा जैसे जिलों में भी सामान्य से कम वर्षा दर्ज की गई है।
मौसम विभाग के अनुसार, वर्तमान में दो प्रमुख मौसमी सिस्टम सक्रिय हैं। पूर्वी उत्तर प्रदेश और उत्तर-पश्चिम बिहार के ऊपर बने ऊपरी हवा के चक्रवाती परिसंचरण के कारण बंगाल की खाड़ी से नमी लगातार मध्य भारत की ओर पहुंच रही है। इसी वजह से प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में बादल बन रहे हैं और बारिश की गतिविधियां बनी हुई हैं। 13 जुलाई से इन सिस्टमों का प्रभाव और बढ़ने की संभावना है, जिससे वर्षा में तेजी आ सकती है।
राजधानी रायपुर में रविवार को दिनभर बादल छाए रहने, बीच-बीच में बारिश होने तथा गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की संभावना जताई गई है। शहर का अधिकतम तापमान लगभग 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। वहीं प्रदेश में सर्वाधिक अधिकतम तापमान 33.6 डिग्री सेल्सियस दुर्ग में और सबसे कम न्यूनतम तापमान 23.8 डिग्री सेल्सियस अंबिकापुर में दर्ज किया गया।
मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले मैदान, पेड़ों के नीचे और बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचने की अपील की है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि 13 से 15 जुलाई के बीच अच्छी बारिश होती है तो खरीफ फसलों की बुआई और खेतों में नमी की स्थिति बेहतर होगी, जिससे किसानों को राहत मिल सकती है।










