मानसून में बढ़ा सर्पदंश का खतरा, घर से निकले 10 बेबी कोबरा, सांप के डसने से तीन लोगों की मौत

छत्तीसगढ़ में मानसून के सक्रिय होते ही सर्पदंश की घटनाएं बढ़ने लगी हैं। रायगढ़ जिले में एक घर की नींव के नीचे कोबरा के 27 अंडे मिलने से हड़कंप मच गया, जबकि सरगुजा संभाग में अलग-अलग घटनाओं में सांप के डसने से तीन लोगों की मौत हो गई।
रायगढ़ जिले के कांदादोड़ा गांव में एक मकान से लगातार तीन दिनों तक सांप के बच्चे निकलने के बाद परिवार ने स्नेक रेस्क्यू टीम को सूचना दी। मौके पर पहुंची टीम ने घर की नींव के पास खुदाई की, जहां कोबरा के 27 फूटे हुए अंडे मिले। इनमें से 10 बेबी कोबरा को सुरक्षित रेस्क्यू कर जंगल में छोड़ दिया गया, जबकि बाकी बच्चे पहले ही वहां से निकल चुके थे।
रायगढ़ में ही एक अन्य मामले में शहर के अतरमुड़ा क्षेत्र स्थित एक घर के बेडरूम में करीब पांच फीट लंबा भारतीय नाग घुस आया। सूचना मिलने पर रेस्क्यू टीम ने सुरक्षित तरीके से उसे पकड़कर जंगल में छोड़ दिया।
इधर, बलरामपुर जिले के शंकरगढ़ थाना क्षेत्र के डंभाटोली गांव में जमीन पर सो रहे एक पिता और उनकी चार वर्षीय बेटी को जहरीले सांप ने डस लिया। परिजन उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाने के बजाय पहले झाड़-फूंक कराते रहे। बाद में अस्पताल पहुंचने पर बच्ची को मृत घोषित कर दिया गया, जबकि पिता की इलाज के दौरान मौत हो गई।
वहीं, सरगुजा जिले के लखनपुर थाना क्षेत्र के सकरिया गांव में 13 वर्षीय एक बच्ची की करैत सांप के डसने से मौत हो गई। बच्ची रात में जमीन पर सो रही थी, तभी उसे सांप ने काट लिया। हालत बिगड़ने पर उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उसने दम तोड़ दिया।
विशेषज्ञों ने बारिश के मौसम में लोगों से सतर्क रहने, घरों के आसपास साफ-सफाई बनाए रखने और सांप के काटने की स्थिति में झाड़-फूंक के बजाय तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचने की अपील की है।











