मवेशियों को जंगल छोड़ने पर विवाद, बाइक सवारों पर हमला; एक की मौत, 3 गंभीर

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में आवारा मवेशियों को जंगल में छोड़ने को लेकर चल रहा पुराना विवाद गुरुवार रात हिंसक झड़प में बदल गया। रलिया गांव के पास अज्ञात लोगों ने बाइक सवार चार ग्रामीणों को रोककर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। हादसे में एक ग्रामीण की मौत हो गई, जबकि तीन गंभीर रूप से घायल हैं।

घटना मस्तूरी थाना क्षेत्र की है। जानकारी के मुताबिक, लिमतरा निवासी जीवन मेहर अपने साथी हीरालाल यादव, राकेश बरगाह और मुकेश पटेल के साथ आवारा मवेशियों को दलहा पहाड़ के जंगल में छोड़ने गए थे। काम पूरा करने के बाद रात करीब 9 बजे चारों दो बाइक से वापस लौट रहे थे।

बताया जा रहा है कि रलिया गांव के पास पहले से मौजूद 6 से 8 लोगों ने उनका रास्ता रोक लिया। इसके बाद चारों पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया गया। अचानक हुए हमले में सभी घायल हो गए।

अस्पताल में एक ग्रामीण की मौत

घटना की जानकारी मिलने के बाद परिजन मौके पर पहुंचे और घायलों को अस्पताल ले गए। जीवन मेहर की हालत गंभीर थी, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। वहीं, तीन अन्य घायलों का अस्पताल में इलाज चल रहा है।

मवेशियों को लेकर पुराना विवाद

प्रारंभिक जांच में पुलिस को पता चला है कि एनटीपीसी सीपत के राखड़ डैम से प्रभावित रलिया और आसपास के गांवों के लोगों के बीच आवारा मवेशियों को जंगल में छोड़ने को लेकर पहले से विवाद चल रहा था। इसी विवाद को हमले की वजह माना जा रहा है।

पुलिस को आशंका है कि पुरानी रंजिश के चलते हमलावरों ने ग्रामीणों के लौटने का इंतजार किया और रास्ते में उन्हें घेर लिया।

आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस

घटना के बाद इलाके में तनाव की स्थिति को देखते हुए पुलिस बल तैनात किया गया है। मस्तूरी पुलिस ने जांच शुरू कर हमलावरों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश देना शुरू कर दिया है। मृतक के परिजन आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

jagjaahir desk

पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है।
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