यूरोप और US ट्रेड डील से मिलेगी ऑटो इंडस्ट्री को नई रफ्तार, इस सेक्टर के लिए बड़ा मौका

यूरोपीय यूनियन और अमेरिका के साथ हाल ही में हुई ट्रेड डील से भारतीय ऑटो इंडस्ट्री को नई रफ्तार मिलेगी. खासतौर पर ये डील भारतीय ऑटो कंम्पोनेंट मैनुफैक्चर्रस के लिए बड़ा मौका बनकर आई हैं. यही वजह है कि दिल्ली में चल रहे ACMA Automechanika के 6वें एडिशन में मैन्युफैक्चर्स उत्साहित नजर आ रहे हैं. यह आयोजन भारत के ऑटोमोटिव आफ्टरमार्केट के लिए एक अहम मंच बनकर सामने आया है, जहां दुनियाभर के ऑटो कंपोनेंट निर्माता, सप्लायर और टेक्नोलॉजी एक साथ आते हैं.

स्टीलबर्ड इंटरनेशनल के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर और ACMA आफ्टरमार्केट पिलर के चेयरमैन मानव कपूर ने कहा कि इस एक्सपो के जरिए कंपनी को अपने प्रोडक्ट रेंज और मैन्युफैक्चरिंग क्षमताओं को दिखाने का मौका मिला है. उन्होंने बताया कि ऑटो उद्योग की मौजूदा जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाए गए कंपोनेंट्स में इंडस्ट्री से जुड़े लोगों की अच्छी दिलचस्पी देखने को मिली. स्टीलबर्ड इंटरनेशनल ऑटोमोबाइल सेक्टर के लिए रबर पार्ट्स और फिल्टर्स बनाती है और देश के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय बाजारों की भी सेवा करती है

ट्रेड डील से मजबूत होगा भारत

मानव कपूर ने बताया कि भारत के ऑटो कंपोनेंट उद्योग की ग्रोथ में एक्सपोर्ट एक बहुत अहम आधार बना हुआ है. इस सेक्टर के कुल उत्पादन का करीब 30% हिस्सा विदेशों में भेजा जाता है. भारत ने कई देशों के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) किए हैं, जिससे भारत का ऑटो कंपोनेंट उद्योग वैश्विक ऑटोमोटिव वैल्यू चेन से और ज्यादा जुड़ेगा. भारत-ईयू और भारत-यूएस ट्रेड डील को लेकर कहा है कि निश्चित ही भारत के लिए नए दरवाजे खुले हैं, जिससे इंडस्ट्री को एक्सपोर्ट के मामले फायदा मिलेगा.

मजबूत स्थिति में ऑटो कंपोनेंट इंडस्ट्री

ACMA के प्रेसिडेंट विक्रम राघुपति सिंघानिया के मुताबिक, करीब 80 अरब डॉलर के मूल्य वाला भारतीय ऑटो कंपोनेंट उद्योग, भू-राजनीतिक तनाव, सप्लाई चेन में उतार-चढ़ाव, महंगाई का दबाव और तेजी से बदलती तकनीक जैसी वैश्विक चुनौतियों के बावजूद मजबूत बना हुआ है. दुनियाभर में भू-राजनीतिक समस्याएं, सप्लाई चेन में अस्थिरता, महंगाई का दबाव और तकनीकी बदलाव जैसी चुनौतियों के बावजूद यह उद्योग लगातार बढ़ रहा है, निवेश कर रहा है और अपनी वैश्विक मौजूदगी बढ़ा रहा है.

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जगजाहिर में स्पोर्ट्स बीट पर काम कर रहे हैं। स्पोर्ट्स में क्रिकेट, फुटबॉल, हॉकी, टेनिस, बैडमिंटन और एथलेटिक्स गेम्स के मामलों पर काफी अच्छी पकड़ रखते हैं। हमारे पास विभिन्न मुद्दों पर लिखने का 8 साल से अधिक समय का अनुभव है। पत्रकारिता के अपने इस करियर में कई बड़े स्पोर्ट्स इवेंट्स जिसमें साल 2015 और 2019 और 2023 वनडे वर्ल्ड कप, आईपीएल और फुटबॉल वर्ल्ड कप को कवर किया है।
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