उत्तर प्रदेश: दुष्कर्म और पॉक्सो मामले में दोषी को 25 साल की सजा, 50 हजार जुर्माना पीड़िता को मिलेगा

इटावा: उत्तर प्रदेश के इटावा जिले में विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट विनीता विमल की अदालत ने तीन साल पुराने दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट के मामले में दोषी गौरव यादव को 25 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है. इसके साथ ही अदालत ने उस पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है. कोर्ट ने आदेश दिया है कि जुर्माने की यह धनराशि पीड़िता को दी जाएगी. यदि दोषी जुर्माना अदा नहीं करता है तो उसे चार माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा.

मामला ऊसराहार थाना क्षेत्र के एक गांव का है. पीड़िता के पिता ने थाने में दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया था कि 1 जून 2022 की रात उसकी 15 वर्षीय बेटी घर में सो रही थी। उसी दौरान पड़ोस में रहने वाला गौरव यादव घर में घुस आया और किशोरी को बहला-फुसलाकर पास में ही बंद पड़े मकान में ले गया, जहां उसके साथ दुष्कर्म किया. आरोपी ने घटना के बाद किशोरी को धमकी दी कि यदि उसने किसी को कुछ बताया तो उसे जान से मार देगा.

किसी तरह आरोपी के चंगुल से छूटकर किशोरी घर पहुंची और परिजनों को पूरी घटना की जानकारी दी. इसके बाद पीड़िता के पिता ने थाने में तहरीर दी, जिसके आधार पर पुलिस ने दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया. जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की.

विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट की अदालत में मामले की सुनवाई हुई. अदालत ने अभियोजन पक्ष द्वारा पेश किए गए साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर आरोपी गौरव यादव को दोषी करार देते हुए 25 साल के कारावास और 50 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई.

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