जानिए सही टाइम कब होती है, गाड़ी की सर्विसिंग की

अक्सर ही नए गाड़ी लेने के बाद लोग सोचते है की इसकी सर्विस कब करनी चाहिए। 10,000 किलोमीटर चलने के बाद या फिर एक साल पूरा होने पर? सही समय सर्विस करना कार की बेहतर परफॉर्मेंस , लंबी उम्र और सुरक्षा के लिए बहुत जरूरी है। सही समय सर्विस न करने पर इंजन और कार के दूसरे पार्ट्स डैमेज या ख़राब भी हो सकते है।
कार निर्माता इस बात में क्या कहते है
ज्यादातर कार कम्पनियां कहती है की कार की सर्विस 10,000 किलोमीटर या 1 साल के बाद करना चाहिए। कम्पनियां जैसे Maruti Suzuki, Hyundai Motor Company और Tata Motors भी इसी तरह का सर्विस शेड्यूल देती है।
अगर आपकी कार एक साल में 10,000 किमी से ज्यादा चल जाती है तो आपको 10,000 किमी पर सर्विस करानी चाहिए। अगर कार कम चली हो और उसका एक साल पूरा हो गया है तब भी सर्विस करना जरूरी होता है।
10,000 किमी न पूरे होने के बाद भी क्यों है सर्विस जरूरी
कई लोग सोचते है की कार अगर कम चलती हो तो सर्विस की जरूरत नहीं होती पर यह सही नहीं है। समय के साथ इंजन ऑयल की गुणवत्ता कम होने लगती है, और फिल्टर, ब्रेक ऑयल, कूलेंट जैसी चीजें भी असर खोने लगती हैं। इसलिए एक साल पूरा होने पर सर्विस कराना जरूरी होता है, ताकि गाड़ी सही रूप से चलती रहे।
सर्विस के दौरान चेक क्या होता है ?
कार की सर्विस के समाज इसके कई जरूरी हिस्सों की जांच की जाती है। सर्विस में इंजन ऑयल बदलना, ऑयल फिल्टर और एयर फिल्टर चेक करना, ब्रेक सिस्टम की जांच, बैटरी की स्थिति देखना और टायर प्रेशर की जांच शामिल होती है।
इसके साथ-साथ गाड़ी की सुरक्षित और स्मूद चलने के लिए सस्पेंशन, कूलेंट लेवल, वाइपर, लाइट्स और इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम भी चेक किए जाते हैं।
समय पर सर्विस कराने के फायदे
समाये पर सर्विस करने पर गाड़ी का माइलेज बेहतर रहता है और इंजन की परफॉर्मेंस भी बनी रहती है जिससे गाड़ी के अचानक ख़राब होने का खतरा काम होता है और भविष्य में महंगे रिपेयर से भी बचा जा सकता है।
आखिर में हम यह कह सकते है की हम कार ज्यादा चलाये या कम, 10,000 किमी या एक साल पूरा होने पर सर्विस करना तो जरूरी ही होता है। रैगुलर सर्विसिंग से गाड़ी लंबे समय तक बेहतर हालत में रहती है और ड्राइविंग अनुभव भी शानदार बना रहता है।











