सफर के बीच आई प्रसव पीड़ा, ट्रेन में गूंजी बच्चे की पहली किलकारी: डोंगरगढ़ पहुंचते ही जच्चा-बच्चा को मिला इलाज

राजनांदगांव, 15 जुलाई 2026। सिकंदराबाद एक्सप्रेस में सफर के दौरान एक गर्भवती महिला ने चलती ट्रेन में ही स्वस्थ बेटे को जन्म दिया। डोंगरगढ़ रेलवे स्टेशन पर जीआरपी और आरपीएफ की तत्परता से जच्चा-बच्चा को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने दोनों को पूरी तरह स्वस्थ बताया।
जानकारी के अनुसार, कवर्धा निवासी 21 वर्षीय भारती नट अपने पति जितेंद्र नट के साथ सिकंदराबाद एक्सप्रेस के जनरल कोच में यात्रा कर रही थीं। परिवार के मुताबिक प्रसव में अभी करीब 15 दिन का समय बाकी था, लेकिन नागपुर के पास अचानक उन्हें प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। गोंदिया स्टेशन पर सहायता लेने का प्रयास किया गया, लेकिन तब तक ट्रेन आगे बढ़ चुकी थी।
इसी दौरान ट्रेन में मौजूद दो महिला यात्रियों ने साहस और सूझबूझ का परिचय देते हुए प्रसव कराने की जिम्मेदारी संभाली। उनके सहयोग से महिला ने चलती ट्रेन में ही एक स्वस्थ पुत्र को जन्म दिया।
घटना की सूचना रेलवे अधिकारियों को दी गई, जिसके बाद डोंगरगढ़ रेलवे स्टेशन पर जीआरपी और आरपीएफ की टीम पहले से ही तैयार रही। ट्रेन के स्टेशन पहुंचते ही जच्चा-बच्चा को तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने दोनों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। डॉक्टरों ने बताया कि मां और नवजात दोनों सुरक्षित और स्वस्थ हैं।
रेलवे अधिकारियों ने समय पर सूचना देने वाले यात्रियों और प्रसव में मदद करने वाली दोनों महिला यात्रियों की सराहना की। उनकी तत्परता और मानवता के कारण कठिन परिस्थितियों में भी सुरक्षित प्रसव संभव हो सका।











