अवैध खनन के खिलाफ खनिज विभाग का बड़ा एक्शन: 4 प्रमुख क्रशर प्लांटों को किया सील, मचा हड़कंप

आरंग। राजधानी रायपुर के आरंग विधानसभा क्षेत्र के मंदिरहसौद तहसील में अवैध खनन और नियमों की अनदेखी करने वाले माफियाओं के खिलाफ खनिज विभाग ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। विभाग की टीम ने नरदहा, धनसुली और खपरी गांवों में दबिश देकर भारी अनियमितताएं पकड़ीं, जिसके बाद 4 प्रमुख क्रशर प्लांटों को मौके पर ही सील कर दिया गया।

बता दें कि सहायक खनिज अधिकारी उमेश भार्गव और खनिज निरीक्षक स्तुति निगम के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने क्षेत्र की चूना पत्थर (Limestone) खदानों का औचक निरीक्षण किया। जैसे ही विभाग की गाड़ियां खदानों और क्रशर यूनिट्स पर पहुंचीं, वहां भगदड़ जैसी स्थिति मच गई। लंबे समय से मिल रही शिकायतों के आधार पर यह कार्रवाई पूरी तरह गोपनीय रखी गई थी।

जांच के दौरान टीम ने पाया कि कई खदान संचालक न तो खनिज नियमों का पालन कर रहे थे और न ही पर्यावरण मानकों की उन्हें परवाह थी। विभाग ने साक्ष्यों के आधार पर क्रशरों को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया है:

श्रीचंद प्रीतवानी (क्रशर यूनिट)
शैलेंद्र चौरसिया (क्रशर यूनिट)
महादेव माइनिंग (संचालक: महेश प्रीतवानी)
निमेश कुमार चेलक (क्रशर यूनिट)

नियमों की उड़ाई जा रही थी धज्जियां

विभागीय सूत्रों के अनुसार, इन खदानों में निर्धारित सीमा से अधिक गहराई तक खुदाई, बिना अनुमति विस्तार और धूल-प्रदूषण नियंत्रण के उपायों का अभाव पाया गया। सील किए गए 4 क्रशरों के अलावा, क्षेत्र के कई अन्य खदान संचालकों को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। इस कार्रवाई के बाद से क्षेत्र के खनन माफियाओं में हड़कंप व्याप्त है। ग्रामीणों ने प्रशासन के इस कदम का स्वागत किया है, क्योंकि अवैध खनन से स्थानीय सड़कों की हालत जर्जर हो रही थी और धूल के गुबार से खेती व स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ रहा था।

खनिज विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान अभी थमेगा नहीं। सील किए गए संचालकों पर भारी जुर्माना लगाने के साथ-साथ कानूनी प्रक्रिया को और सख्त किया जाएगा।

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