अमरावती को मिली स्थायी राजधानी का रास्ता, लोकसभा से अहम बिल पास

आंध्र प्रदेश की राजधानी को लेकर लंबे समय से जारी असमंजस के बीच लोकसभा में एक अहम विधेयक पारित कर दिया गया है। इस विधेयक का उद्देश्य अमरावती को राज्य की वैधानिक राजधानी का दर्जा देना है। सदन में इसे सर्वसम्मति से मंजूरी मिल गई, हालांकि कुछ विपक्षी सांसदों ने इसका विरोध जताते हुए वॉकआउट किया।

विधेयक पर सदन में करीब डेढ़ घंटे तक चर्चा चली, जिसमें विभिन्न दलों के 16 सांसदों ने भाग लिया। चर्चा के दौरान कई सदस्यों ने स्थिर प्रशासन के लिए एक स्पष्ट राजधानी की आवश्यकता पर जोर दिया और कहा कि इससे राज्य के विकास को गति मिलेगी।

बहस के दौरान कुछ सदस्यों ने अमरावती को राजधानी बनाए जाने के पक्ष में किसानों के योगदान का भी उल्लेख किया, जिन्होंने इस परियोजना के लिए अपनी जमीनें दी हैं। वहीं विरोध करने वाले सांसदों ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में यह विधेयक जनता के हित में नहीं है और इसे जल्दबाजी में लाया गया है।

विधेयक पेश करने और समापन के दौरान सरकार की ओर से यह स्पष्ट किया गया कि यह कदम राज्य में प्रशासनिक स्पष्टता और विकास को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है। हालांकि विरोध दर्ज कराने वाले सांसदों ने अपनी असहमति जताते हुए सदन से बहिर्गमन किया।

अब इस विधेयक को राज्यसभा से मंजूरी मिलने और राजपत्र में प्रकाशित होने के बाद अमरावती को आधिकारिक रूप से आंध्र प्रदेश की स्थायी राजधानी का दर्जा मिल जाएगा।

jagjaahir desk

पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है।
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