टोल कर्मियों की शामत! महिला वकील के साथ बदसलूकी और जानलेवा हमला; सैंडल टूटी, वकील अस्पताल में भर्ती

सोनभद्र : रॉबर्ट्सगंज सदर कोतवाली क्षेत्र के लोढ़ी टोल प्लाजा पर सोमवार दोपहर करीब 3:30 बजे जमकर बवाल हुआ.टोल कर्मियों और एक महिला अधिवक्ता पक्ष के बीच वाहनों की कतार को लेकर शुरू हुई मामूली बहस ने हिंसक रूप ले लिया.
आरोप है कि आधा दर्जन से अधिक टोल कर्मियों ने महिला अधिवक्ता आरती पांडेय और उनके साथियों के साथ अभद्रता करते हुए उन पर जानलेवा हमला कर दिया.इस मारपीट में एक महिला सहित तीन लोग घायल हुए हैं, जिनमें से दो की हालत गंभीर होने पर उन्हें राजकीय मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में भर्ती कराया गया है.
विवाद की मुख्य वजह: ग्रीन सिग्नल के बावजूद देरी
पीड़ित महिला अधिवक्ता आरती पांडेय के अनुसार, वह अपनी दादी के घर ओबरा जा रही थीं.जब उनकी गाड़ी लोढ़ी टोल प्लाजा पहुँची, तो वहां लंबा जाम लगा था.ग्रीन सिग्नल होने के बावजूद करीब 10 मिनट तक गाड़ियां आगे नहीं बढ़ीं.जब उनके साथी नवीन सिंह ने देरी का कारण पूछा, तो बूथ के अंदर बैठे टोल कर्मी ने अभद्रता शुरू कर दी और माँ-बहन की गालियां दीं. विरोध करने पर टोल कर्मियों ने कलाई में पहने भारी कड़ों और डंडों से हमला कर दिया.इस दौरान बीच-बचाव करने आईं महिलाओं के साथ भी धक्का-मुक्की की गई, जिससे आरती पांडेय की सैंडल टूट गई और उन्हें गंभीर एंजायटी की समस्या उत्पन्न हो गई.
घायलों की स्थिति और पुलिस की कार्रवाई
मारपीट में नवीन सिंह के सिर पर गहरा घाव हुआ है, जिससे काफी खून बह गया.वहीं अवनीश दुबे के हाथ में गंभीर चोट आई है.घटना के करीब एक घंटे बाद पुलिस मौके पर पहुँची.घायल नवीन सिंह ने पुलिस पर भी अभद्र व्यवहार करने का आरोप लगाया है। घटना की गंभीरता को देखते हुए नगर क्षेत्राधिकारी (CO) रणधीर मिश्रा और सदर कोतवाल पुलिस बल के साथ मौके पर पहुँचे और अस्पताल जाकर घायलों का हालचाल जाना.
पुलिस का कहना है कि टोल प्लाजा पर लगे CCTV फुटेज की जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी.
अधिवक्ता समुदाय में रोष, टोल हटाने की मांग
घटना की सूचना मिलते ही डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अशोक श्रीवास्तव और महामंत्री योगेश दुबे मेडिकल कॉलेज पहुँचे.बार एसोसिएशन के अध्यक्ष ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि टोल कर्मियों का व्यवहार अक्सर हिंसक रहता है.उन्होंने लोढ़ी टोल प्लाजा को अवैध बताते हुए उसे तत्काल हटाने की मांग की है.










