प्रमोशन के एक महीने बाद हादसा: लोको पायलट ने संभाली पैसेंजर ट्रेन, सिग्नल-जंप बना वजह

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर ट्रेन हादसे में कमिशन ऑफ रेलवे सेफ्टी (CRS) जांच से पहले रेलवे के पांच सदस्यीय टीम ने शुरुआती जांच रिपोर्ट सौंप दी है। जांच में यह बात सामने आई है कि हादसे में शामिल लोको पायलट एक माह पहले तक मालगाड़ी चला रहे थे। प्रमोशन देकर उन्हें पैसेंजर ट्रेन की कमान सौंपी गई थी।

अब CRS की टीम इस पूरे मामले की विस्तृत जांच करेगी और अंतिम रिपोर्ट पेश करेगी। रेलवे रिपोर्ट के अनुसार, जिस स्थान पर हादसा हुआ, वहां ट्रैक में घुमाव (कर्व) है।

आशंका जताई गई है कि लोको पायलट विद्या सागर ने दूसरी लाइन का सिग्नल देखकर ट्रेन की स्पीड बढ़ा दी, और सामने मालगाड़ी दिखाई देने पर स्पीड कंट्रोल करने की कोशिश की, लेकिन तब तक देर हो चुकी थी।

बता दें कि बिलासपुर रेल हादसे की जांच के लिए कमिशन ऑफ रेलवे सेफ्टी (CRS) को आदेश जारी किए गए हैं। संरक्षा आयुक्त बी.के. मिश्रा जांच के लिए बिलासपुर पहुंच गए हैं। वहीं CRS की जांच और पूछताछ के लिए एसईसीआर के 19 अधिकारियों और कर्मचारियों को संबंधित दस्तावेजों के साथ आज DRM बुलाया गया है।

हादसे में 11 की मौत, 20 घायल

बिलासपुर रेलवे स्टेशन के समीप लालखदान-गतौरा के बीच हुए हादसे में गेवरा रोड मेमू लोकल ट्रेन (68733) ने सामने खड़ी मालगाड़ी को टक्कर मार दी, जिसके चलते मेमू ट्रेन का मोटर कोच मालगाड़ी के एक वैगन के ऊपर चढ़ गया। इस भीषण दुर्घटना में 11 यात्रियों की मौत हो चुकी है, जबकि 20 लोग घायल हैं।

50 KM प्रति घंटे की स्पीड में थी ट्रेन

SECR के पांच विभागों के अधिकारियों की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में बताया गया है कि ट्रेन गतौरा स्टेशन से रवाना होने के बाद 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही थी।

इससे पहले के स्टेशनों में यह ट्रेन 76 किलोमीटर प्रति घंटे के स्पीड पर थी। आशंका जताई जा रही है कि सामने मालगाड़ी देखकर लोको पायलट ने एमरजेंसी ब्रेक भी लगाई। लेकिन, तब तक सामने मालगाड़ी आ चुकी थी।

सिग्नल जंप के चलते हादसा

अफसरों की जांच में पता चला है कि मेमू ट्रेन ने खतरे का सिग्नल पार किया। जिसके चलते ये हादसा हुआ। इसके लिए मेमू ट्रेन के लोको पायलट और सहायक लोको पायलट को सही समय पर ट्रेन को नियंत्रित नहीं कर पाने का जिम्मेदार माना गया है।

बता दें कि लोको पायलट विद्या सागर की मौत हो चुकी है। महिला सहायक लोको पायलट रश्मि राज इस हादसे में घायल हैं। उन्हें अपोलो हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है।

असिस्टेंट लोको पायलट और गार्ड का बयान अहम

इस हादसे के प्रत्यक्षदर्शी मालगाड़ी का गार्ड शैलेश चंद्र बुरी तरह से घायल हैं। वहीं, असिस्टेंट लोको पायलट रश्मि राज की हालत भी गंभीर है। हादसे की जांच में इन दोनों चश्मदीदों का बयान अहम है। वो दोनों बता सकते हैं कि हादसा क्यों और कैसे हुआ।

CRS स्तर जांच के आदेश

रेलवे ने दुर्घटना की विस्तृत जांच कमिशन ऑफ रेलवे सेफ्टी रेलवे सुरक्षा आयुक्त यानी CRS स्तर पर कराने का आदेश दिया है, जिससे हादसे के सटीक कारणों की पहचान कर भविष्य में ऐसे हादसे रोके जा सकें। CRS बीके मिश्रा बिलासपुर पहुंच चुके हैं। बुधवार को उन्होंने घटनास्थल का जायजा लिया।

कमिश्नर ऑफ सेफ्टी बीके मिश्रा तीन दिनों तक बिलासपुर में रहकर ट्रेन हादसे के कई पहलुओं की बारीकी से जांच करेंगे। इस दौरान वे स्टेशन मास्टर, प्वाइंट्स मैन, की मैन, गार्ड शैलेश चंद्र, सेक्शन इंजीनियर, सिग्नल और इंजीनियरिंग सहित संबंधित सभी अधिकारियों और कर्मचारियों के बयान दर्ज करेंगे।

रेलवे ने देर रात तक मृतकों के परिजनों को रेलवे ने बांटे चेक

ट्रेन हादसे में मृतकों और घायलों को रेलवे ने तात्कालिक मुआवजा 50-50 हजार की राशि दी है। बुधवार सुबह से रेलवे ने परिजनों से पूछताछ के बाद नॉमिनी, पहचान की तस्दीक कर चेक तैयार किए थे।

दुर्घटना सहायता केंद्र से देर रात तक 9.50 लाख रुपए का चेक सीनियर डीसीएम अनुराग सिंह और कमर्शियल मैनेजर एस भारतीयन ने परिजनों को दिए। देर रात तक परिजनों के इंतजार में रेलवे अधिकारी सहायता केंद्र में ही बैठे रहे।

इधर, राज्य शासन से दिए जाने वाले सहायता राशि के चेक भी तैयार हैं। आज से मृतकों और घायलों के परिजनों को चेक दिए जाएंगे।

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