पीएम मोदी का SCO में आतंकवाद पर कड़ा संदेश, बोले- दोहरे मापदंड नहीं चलेंगे

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के शिखर सम्मेलन में आतंकवाद के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि आतंकवाद से निपटने में किसी भी तरह के दोहरे मापदंड की जगह नहीं होनी चाहिए। उन्होंने आतंकवाद की फंडिंग, भर्ती, कट्टरता और उसे पनाह देने वाले पूरे इकोसिस्टम को खत्म करने की जरूरत बताई।
आतंकवाद के पूरे नेटवर्क को खत्म करने पर जोर
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि आतंकवाद और उसे मिलने वाली आर्थिक मदद के पूरे इकोसिस्टम को समाप्त करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि सभी देशों को एकजुट होकर आतंकवाद के खिलाफ स्पष्ट संदेश देना चाहिए। पीएम मोदी ने यह भी कहा कि कुछ लोग आतंकवाद को रणनीतिक हथियार के तौर पर इस्तेमाल करने की कोशिश करते हैं, लेकिन ऐसा नहीं होना चाहिए।
युद्ध नहीं, बातचीत और कूटनीति से समाधान
दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में जारी युद्ध और संघर्षों का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि युद्ध के मैदान में किसी समस्या का स्थायी समाधान नहीं निकलता। उन्होंने सभी युद्धों और विवादों को बातचीत तथा कूटनीति के माध्यम से सुलझाने की अपील की।
कनेक्टिविटी और व्यापार को बढ़ावा देने की बात
पीएम मोदी ने कहा कि भारत उन प्रयासों का समर्थन करता है, जिनसे बाजार आपस में जुड़ें, आपसी व्यापार आसान हो और विकास के नए अवसर पैदा हों। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि कनेक्टिविटी से जुड़ी परियोजनाओं में सभी देशों की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान किया जाना चाहिए।
SCO को सभ्यता और संस्कृति का संगम बताया
प्रधानमंत्री ने SCO के महत्व पर भी बात की। उन्होंने कहा कि भारत के लिए शंघाई सहयोग संगठन महान सभ्यताओं, संस्कृतियों और विचारों का संगम है। सम्मेलन के दौरान पीएम मोदी ने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से भी मुलाकात की।











