मनरेगा की जगह नई रोजगार योजना लागू करने की तैयारी, अक्टूबर-नवंबर से शुरू होने की संभावना

ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और आजीविका को बढ़ावा देने के उद्देश्य से केंद्र सरकार की नई योजना विकसित भारत-रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) को मध्य प्रदेश में इस वर्ष अक्टूबर-नवंबर से लागू किया जा सकता है। इस योजना के लागू होने के बाद यह मनरेगा की जगह लेगी। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग इसके लिए तैयारियों में जुटा हुआ है।
नई योजना को लेकर दिल्ली में राज्यों के साथ बैठक आयोजित की जा रही है, जिसमें विभिन्न राज्यों से तैयारियों की जानकारी ली जाएगी। साथ ही पंचायतों की स्थिति और आवश्यकताओं के आधार पर अनुदान और क्रियान्वयन की नीति तय की जाएगी।
बताया गया है कि योजना से संबंधित विधेयक संसद से पारित हो चुका है और इसकी अधिसूचना अप्रैल या मई में जारी हो सकती है। इसके बाद राज्य सरकार अपने स्तर पर नियम तैयार करेगी, जिन्हें विधानसभा से पारित कराया जाएगा। पूरी प्रक्रिया में लगभग छह महीने का समय लग सकता है।
राज्य सरकार को यह विकल्प भी दिया गया है कि वह केंद्र के नियमों को उसी रूप में लागू करे या स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार उनमें बदलाव करे। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की स्थिति, श्रमिकों की संख्या, पहले हुए विकास कार्य और राज्य की प्राथमिकताओं को ध्यान में रखते हुए नियमों में परिवर्तन किए जा सकते हैं।
अधिसूचना जारी होने के बाद संबंधित अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिसमें उन्हें नई योजना की कार्यप्रणाली, इसमें शामिल नए कार्यों और सामाजिक अंकेक्षण की प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी जाएगी।
योजना के क्रियान्वयन के दौरान पंचायतों को काम के आधार पर तीन श्रेणियों में बांटा जाएगा। जिन पंचायतों में अब तक कम काम हुआ है, वहां प्राथमिकता के आधार पर अधिक कार्य कराए जाएंगे। इसके बाद मध्यम स्तर की पंचायतों में काम होगा, जबकि जिन पंचायतों में पहले ही पर्याप्त काम हो चुका है, वहां सीमित कार्य कराए जाएंगे ताकि सभी क्षेत्रों में संतुलित विकास सुनिश्चित किया जा सके।











