छत्तीसगढ़ में अगले 7 दिन बारिश का दौर, 12 जिलों में यलो अलर्ट; रायपुर में हल्की बारिश के आसार

छत्तीसगढ़ में मानसून अगले एक सप्ताह तक सक्रिय रहने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार 21 से 27 अगस्त तक प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रहेगा। उत्तर और मध्य छत्तीसगढ़ में कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। इस दौरान गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की भी संभावना जताई गई है।
12 जिलों में यलो अलर्ट
शनिवार को मौसम विभाग ने प्रदेश के 12 जिलों में यलो अलर्ट जारी किया है। इनमें राजनांदगांव, कबीरधाम, बेमेतरा, मुंगेली, कोरबा, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, बिलासपुर, सूरजपुर, बलरामपुर, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, कोरिया और जशपुर शामिल हैं। इन जिलों में मध्यम से भारी बारिश होने की संभावना है।
प्रदेश के बाकी 21 जिलों में हल्की बारिश के साथ गरज-चमक की स्थिति बन सकती है। अगले पांच दिनों में अधिकतम तापमान में बड़े बदलाव की संभावना नहीं है।
कोरिया और सूरजपुर में सबसे ज्यादा बारिश
पिछले 24 घंटे के दौरान प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश दर्ज की गई। कोरिया के राजपुर में सबसे ज्यादा 42.5 मिमी और सूरजपुर के बिहीरपुर में 41 मिमी बारिश हुई। सारागांव में 14.1 मिमी, राजनांदगांव में 14 मिमी, साल्हेवारा में 13.1 मिमी, प्रेमनगर में 12.8 मिमी, पिपरिया में 11.9 मिमी और कोटाडोल में 11.5 मिमी बारिश दर्ज की गई।
चांपा, खरोरा और भैरमगढ़ में 11-11 मिमी, केल्हारी में 10.3 मिमी, मोहला में 10.2 मिमी, बारपाली में 9.6 मिमी, बलौदा में 9.5 मिमी और लुंद्रा में 9 मिमी बारिश हुई। रायपुर शहर में 5.1 मिमी, जबकि दुर्ग में 16.6 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई।
पुल नहीं होने से नदी पार कर स्कूल जा रहे बच्चे
कोरबा जिले के पोड़ी उपरोड़ा क्षेत्र के सुआरघुटरा में बम्हनी नदी पर पुल नहीं होने से स्कूली बच्चों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सिर्री मिडिल स्कूल और पिपरिया हाईस्कूल जाने वाले 50 से अधिक बच्चों की पढ़ाई बारिश के दौरान करीब डेढ़ महीने तक प्रभावित रहती है।
बारिश के समय नदी में 4 से 5 फीट तक पानी भर जाता है। ऐसे में परिजन बच्चों का हाथ पकड़कर नदी पार कराते हैं। दूसरा रास्ता करीब 20 किलोमीटर लंबा होने के कारण बच्चों और ग्रामीणों को काफी परेशानी होती है। अधिक बारिश होने पर बच्चे स्कूल नहीं जा पाते।
ग्रामीणों के अनुसार पुल निर्माण की मांग स्थानीय स्तर पर विधायक से की गई है, लेकिन अब तक इसकी मंजूरी नहीं मिली है।











