RBI के फैसले ने रुपए में फूंकी जान, डॉलर हुआ लहूलुहान

रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक और वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में नरमी के बीच गुरुवार को भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले मजबूत होकर बंद हुआ. बाजार की नजर 5 जून को आने वाले RBI के ब्याज दर संबंधी फैसले पर टिकी रही. हालांकि अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के कारण ऊर्जा बाजार में उतार-चढ़ाव बना रहा, जिससे रुपये की तेजी सीमित रही.
डॉलर के मुकाबले मजबूत हुआ रुपया
अंतरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में रुपया 95.70 प्रति डॉलर पर खुला. कारोबार के दौरान यह 95.59 के उच्च स्तर और 95.87 के निचले स्तर तक पहुंचा. अंत में रुपया 95.74 प्रति डॉलर पर बंद हुआ, जो पिछले बंद भाव के मुकाबले 2 पैसे की मजबूती दर्शाता है. एक दिन पहले यानी बुधवार को रुपया 40 पैसे कमजोर होकर 95.76 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था.
पश्चिम एशिया संकट बना चिंता का कारण
फॉरेक्स बाजार के जानकारों का कहना है कि पश्चिम एशिया में जारी तनाव भारत के लिए चिंता का विषय है, क्योंकि देश अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए बड़े पैमाने पर आयात पर निर्भर है. अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण निवेशक सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं, जिससे वैश्विक वित्तीय बाजारों में अस्थिरता बढ़ रही है.
RBI के फैसले पर टिकी बाजार की नजर
अब निवेशकों की नजर RBI की मौद्रिक नीति समिति (MPC) के फैसले पर है. RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा की अध्यक्षता वाली छह सदस्यीय समिति 5 जून को अपना फैसला सुनाएगी. विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिम एशिया संकट से महंगाई और आर्थिक विकास दोनों पर दबाव बढ़ सकता है. ऐसे में RBI फिलहाल रेपो रेट को 5.25% पर बरकरार रख सकता है.
डॉलर इंडेक्स और कच्चे तेल में नरमी
इस दौरान डॉलर इंडेक्स, जो छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की मजबूती को मापता है, 0.21% गिरकर 99.31 पर कारोबार कर रहा था. वहीं वैश्विक तेल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड की कीमत भी 2.04% गिरकर 95.81 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गई.
रुपये की चाल कैसी रह सकती है?
मिराए एसेट शेयरखान के रिसर्च एनालिस्ट अनुज चौधरी के मुताबिक, भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में मजबूती के कारण रुपये पर दबाव बना रह सकता है. हालांकि यदि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत में कोई सकारात्मक प्रगति होती है तो रुपये को सहारा मिल सकता है.
उन्होंने कहा कि निवेशक अमेरिका के रोजगार आंकड़ों और RBI की मौद्रिक नीति पर भी नजर रखेंगे. उनके अनुसार, निकट भविष्य में डॉलर-रुपया विनिमय दर 95.40 से 96.15 के दायरे में रह सकती है.
शेयर बाजार में मामूली बढ़त
घरेलू शेयर बाजार में गुरुवार को सीमित बढ़त देखने को मिली. सेंसेक्स 13.84 अंक चढ़कर 74,360.01 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 10.95 अंक बढ़कर 23,416.55 पर पहुंच गया. हालांकि विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने गुरुवार को शुद्ध रूप से 4,447.06 करोड़ रुपये के शेयरों की बिकवाली की.











