मेंटेनेंस शुल्क वसूली पर रहवासियों का सवाल, सुविधाओं के अभाव से हाउसिंग बोर्ड कॉलोनियों में बढ़ी नाराजगी

छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड की राजधानी स्थित विभिन्न कॉलोनियों में रहने वाले हजारों परिवारों ने नियमित रूप से मेंटेनेंस और पानी का शुल्क जमा करने के बावजूद बुनियादी सुविधाएं नहीं मिलने की शिकायत की है। रहवासियों का आरोप है कि लाखों रुपये खर्च कर मकान और फ्लैट खरीदने के बाद भी लिफ्ट, स्ट्रीट लाइट, सीवरेज, पाइपलाइन, सफाई और सुरक्षा जैसी आवश्यक सुविधाएं बदहाल हैं।

ग्रीन विले, हिमालयन हाइट्स और चिल्फी हाइट्स जैसी प्रमुख कॉलोनियों में लिफ्ट लंबे समय से बंद पड़ी हैं, कई स्थानों पर सीवरेज और पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हैं, नियमित सफाई नहीं होती और सुरक्षा व्यवस्था भी कमजोर बनी हुई है। रहवासियों का कहना है कि कई बार शिकायतें और सीएम हेल्पलाइन में आवेदन देने के बावजूद समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं किया गया।

चिल्फी हाइट्स कॉलोनी में एचआईजी ब्लॉकों की दीवारों में दरारें आने, पाइपलाइन टूटने और सुरक्षा व्यवस्था के अभाव की शिकायत सामने आई है। यहां रहने वालों का कहना है कि हर महीने मेंटेनेंस और पानी शुल्क लिया जा रहा है, लेकिन सुविधाओं में सुधार नहीं हो रहा। उनका आरोप है कि कॉलोनी में कोई भी व्यक्ति बिना रोक-टोक प्रवेश कर सकता है क्योंकि पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम नहीं हैं।

ग्रीन विले कॉलोनी में करीब पांच हजार फ्लैट हैं, जहां कई लिफ्ट खराब हैं, किचन पाइपलाइन क्षतिग्रस्त है और ड्रेनेज सिस्टम खराब होने से सीपेज की समस्या बनी हुई है। रहवासियों का आरोप है कि सफाई व्यवस्था भी संतोषजनक नहीं है और समस्याओं के समाधान में लापरवाही बरती जा रही है।

वहीं, हिमालयन हाइट्स कॉलोनी में कई ब्लॉकों की लिफ्ट लंबे समय से बंद हैं, जिससे बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यहां भी सुरक्षा के लिए पर्याप्त गार्ड और सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था नहीं होने की शिकायत की गई है। रहवासियों का कहना है कि कई बार शिकायत दर्ज कराने के बाद भी जिम्मेदार अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थायी समाधान नहीं किया।

हाउसिंग बोर्ड का कहना है कि रेरा के प्रावधानों के तहत निर्माण संबंधी खामियों की मरम्मत पांच वर्ष तक उसकी जिम्मेदारी है। साथ ही कॉलोनीवासियों को समय पर सोसायटी का गठन कर कॉलोनी का हैंडओवर लेने की प्रक्रिया पूरी करनी चाहिए। बोर्ड के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अवनीश शरण ने कहा कि जहां नियमित मेंटेनेंस शुल्क जमा किया जा रहा है, वहां समस्याओं के समाधान का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि सोसायटी गठन के लिए आवेदन मिलने पर कॉलोनियों का हैंडओवर नियमानुसार जल्द पूरा किया जाएगा।

jagjaahir desk

पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है।
close