बंगाल में रहना है तो वंदे मातरम गाना होगा’, जादवपुर विवाद पर शुभेंदु अधिकारी का बड़ा बयान

पश्चिम बंगाल के जादवपुर विश्वविद्यालय (Jadavpur University) में वामपंथी छात्र संगठनों और ABVP विवाद में सीएम शुभेंदु अधिकारी की एंट्री हुई है। जादवपुर विश्वविद्यालय विवाद के बीच मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि पश्चिम बंगाल में राष्ट्रवाद और देशभक्ति से कोई समझौता नहीं होगा। बंगाल में रहना है तो वंदे मातरम (Vande Mataram) गाना होगा। उन्होंने इस दौरान 17 सितंबर को ‘अन्नपूर्णा दिवस’ मनाने का भी ऐलान किया।
अपने भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र में अन्नपूर्णा योजना के लाभार्थियों की सभा को संबोधित करते हुए शुभेंदु अधिकारी ने जादवपुर विश्वविद्यालय परिसर में मौजूद कुछ प्रदर्शनकारियों को ‘जिहादी’ और ‘राष्ट्र-विरोधी’ बताया। उन्होंने दावा किया कि जादवपुर विश्वविद्यालय में ‘वंदे मातरम’ गाने, राष्ट्रीय ध्वज लगाने, 26 जनवरी और 15 अगस्त मनाने की अनुमति नहीं है।
शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि जादवपुर में ‘टुकड़े-टुकड़े गैंग’ का एक वर्ग और जिहादी व राष्ट्र-विरोधी लोग मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि जो लोग 26 जनवरी और 15 अगस्त नहीं मनाते, ‘वंदे मातरम’ गाने की अनुमति नहीं देते और उनके लिए आवाज उठाते हैं, उनके खिलाफ जादवपुर विश्वविद्यालय के अंदर और बाहर राष्ट्रवाद स्थापित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ‘जादवपुर में वंदे मातरम गाने की अनुमति नहीं है। क्या आप जानते हैं कि JU में राष्ट्रीय ध्वज की अनुमति नहीं है। शिक्षा विभाग को JU में प्रवेश की अनुमति नहीं है। JU में CCTV लगाने की भी अनुमति नहीं है। उन्होंने कहा कि कि ‘जंतर-मंतर से लेकर जादवपुर तक लाल पार्टी के लोग जो मौत का गीत गा रहे हैं, उन्हें कोई फायदा नहीं होगा।
लेफ्ट पार्टियों पर भी निशाना
अपने भाषण में शुभेंदु अधिकारी ने लेफ्ट पार्टियों पर भी निशाना साधा। उन्होंने उनके नेताओं को ‘लाल बाबू’ कहते हुए दावा किया कि इस साल हुए विधानसभा चुनाव में लेफ्ट उम्मीदवारों की जमानत तक जब्त हो गई। अधिकारी के इस बयान के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति में राष्ट्रवाद, वंदे मातरम और जादवपुर यूनिवर्सिटी को लेकर बहस और तेज होने की संभावना है।
जानें क्यों हुआ विवाद
बता दें कि जादवपुर विश्वविद्यालय में 19 अगस्त की रात वामपंथी छात्र संगठन और ABVP के बीच झड़प हुई थी। इसके बाद दोनों संगठनों ने 20 अगस्त को एक-दूसरे के खिलाफ रैली निकाली थी। झड़प के दौरान महान चित्रकार नंदलाल बोस द्वारा तैयार विश्वविद्यालय का ऐतिहासिक प्रतीक भी क्षतिग्रस्त हो गया था। बाद में विश्वविद्यालय ने जादवपुर पुलिस थाने में FIR दर्ज कराई थी।











