पेंड्रारोड स्टेशन पहुँची ‘संजीवनी ट्रेन’: गरीबों के लिए चला चलता-फिरता अस्पताल

गौरेला पेंड्रा मरवाही : रेलवे की लाइफलाइन एक्सप्रेस एक बार फिर जरूरतमंदों के लिए उम्मीद की किरण बनकर पेंड्रारोड स्टेशन पहुँची है.
दूर-दराज़ और ग्रामीण इलाकों के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा देने के उद्देश्य से चलने वाली इस चलती-फिरती अस्पताल में सैकड़ों मरीजों को निःशुल्क इलाज की सुविधा मिल रही है.
दरअसल यह तस्वीरें हैं रेलवे की लाइफलाइन एक्सप्रेस की… जिसे अस्पताल ऑन ट्रैन कहा जाता है.
भारतीय रेलवे और इम्पैक्ट इंडिया फाउंडेशन की इस संयुक्त पहल के तहत यह विशेष ट्रेन उन इलाकों तक पहुँचती है, जहाँ लोगों को इलाज के लिए बड़े शहरों का रुख करना पड़ता है.
लाइफलाइन एक्सप्रेस में नेत्र जांच, मोतियाबिंद ऑपरेशन, दंत उपचार, कान की जांच, श्रवण यंत्र वितरण और ऑर्थोपेडिक इलाज जैसी सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं. विशेषज्ञ डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ की टीम मरीजों की जांच कर मौके पर ही इलाज कर रही है.
इस ट्रेन के माध्यम से गरीब, जरूरतमंद और दिव्यांग मरीजों को पूरी तरह निःशुल्क चिकित्सा सेवाएँ दी जा रही हैं, जिससे लोगों को काफी राहत मिली है.
इलाज के साथ-साथ मरीजों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक भी किया जा रहा है.
“लाइफलाइन एक्सप्रेस का उद्देश्य उन लोगों तक इलाज पहुँचाना है, जो आर्थिक कारणों से अस्पताल नहीं जा पाते.”रेलवे की लाइफलाइन एक्सप्रेस न सिर्फ इलाज कर रही है, बल्कि हजारों लोगों के जीवन में नई उम्मीद और रोशनी भी भर रही है.
सरकारी और सामाजिक सहयोग से चल रही यह पहल वास्तव में जरूरतमंदों के लिए संजीवनी साबित हो रही है.जिसका लाभ सैकडो लोग लाभ ले रहे है.











