थाने में पगड़ी उतारने को लेकर शेखावत बोले:पुलिस ने बालों का रंग पूछा, इसलिए उतारी; स्कूल से बच्चों की डिटेल्स मांगने को बताया गलत

रायपुर में क्षत्रिय करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ.राज शेखावत ने 19 नवंबर को मौदहापारा थाने में अपनी गिरफ्तारी दी थी। इसके बाद पुलिस ने औपचारिक कार्रवाई पूरी करने के बाद थाने से ही उन्हें जमानत दे दी। हालांकि इस दौरान शेखावत का थाने में पगड़ी उतारने का वीडियो सोशल मीडिया पर खूब तेजी से वायरल हुआ था।
पगड़ी उतारने पर बन रही कन्ट्रोवर्सी पर शेखावत ने बताया कि थाने में फॉर्मेलिटीज पूरी करने के दौरान पुलिस ने उनके बालों का रंग पूछा था। इसके बाद उन्होंने पगड़ी उतारकर बालों का रंग दिखाया। इस दौरान कोई पुलिस से कोई बहस नहीं हुई थी। न ही ये कार्रवाई समाज को उकसाने के लिए की गई थी।
आंदोलन को लेकर अब तक नहीं ली गई अनुमति
वहीं दिसंबर को होने जा रहे आंदोलन पर पुलिस ने बताया कि अब तक इसे लेकर कोई अनुमति लोकल एडमिनिस्ट्रेशन से नहीं ली गई है। बिना अनुमति आंदोलन करने पर कार्रवाई की जाएगी। इस पर शेखावत ने कहा कि अनुमति के लिए आवेदन दिया जाएगा। विरोध संवैधानिक अधिकार है।
शेखावत ने इस बात पर भी सवाल उठाए हैं कि तोमर के बच्चों पर पुलिस क्यों नजर रख रही थी। स्कूल से उनकी पर्सनल जानकारी, फीस की जानकारी मांगी गई थी।
थाने के बाहर जमकर हुई थी नारेबाजी
इससे पहले 19 नवंबर को थाने के बाहर समर्थकों ने पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान थाने के बाहर 1 ASP, 2 CSP और 5 थानों के टीआई समेत बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। राज शेखावत ने कहा कि 7 दिसंबर को तय किया गया आंदोलन अपने समय पर होगा।
बता दें कि एक दिन पहले राज शेखावत ने फेसबुक पर पोस्ट कर लिखा था कि वे ‘आमंत्रण यात्रा’ की शुरुआत करेंगे, जो पीड़ित परिवार की अध्यक्षता में निकाली जाएगी। राज शेखावत ने वीरेंद्र तोमर के जुलूस के मामले में पुलिसकर्मियों के घरों में घुसने की धमकी दी थी।
इस धमकी के बाद मौदहापारा थाने में FIR दर्ज की गई थी। यह FIR पुरानी बस्ती के पूर्व थाना प्रभारी योगेश कश्यप ने दर्ज कराई थी। वीरेंद्र तोमर फिलहाल 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल में हैं।









