त अनाजों से बनाया शुभांशु शुक्ला का पोट्रेट, MP के किसान ने ऐसे जताई उनके लौटने की खुशी

 नर्मदापुरम। करीब तीन हफ्ते पहले अंतरिक्ष यात्रा पर रवाना हुए भारतीय शुभांशु शुक्ला मंगलवार को वापस पृथ्वी पर लौट आए हैं। उनकी इस उपलब्धि पर भारत में खुशी का माहौल है। इस मौके पर जिले के सुपरली जिले के किसान योगेन्द्र सिंह सोलंकी ने अनूठे ढंग से जश्न मनाया है। उन्होंने अनाज से शुभांशु शुक्ला एवं उनके तीन साथियों के पोट्रेट तैयार किए हैं।

उन्होंने छह तरह के अनाज का इस्तेमाल कर शुभांशु के अलावा पैगी विलसन (अमेरिका), सवोस उज्जानवास्की (पौलेंड), टेगो कापूर (हंगरी) के पोट्रेट भी तैयार किए। किसान योगेंद्र ने बताया कि जिस दिन इन यात्रियों ने अंतरिक्ष की उड़ान भरी थी, उसी दिन से इनके पोट्रेट बनाने में वह जुट गए थे।

उन्होंने कहा कि भारत एक कृषि प्रधान देश है, अंतरिक्ष पर खेती को लेकर यात्रियों ने भी कई तरह के प्रयोग किए हैं, इसलिए इन अंतरिक्ष यात्रियों के स्वागत के लिए अनाज से पोट्रेट तैयार किए हैं।

पांच साल से अनाज से पोट्रेट बनाने की कला में जुटे हैं

इस पोट्रेट में अनाज के रूप में धान, तिलख बाजरा, रागी, अलसी, राजगिरा, खस-खस का उपयोग हुआ है। उल्लेखनीय है कि योगेन्द्र पाल सिंह सोलंकी पिछले पांच साल से अनाज से पोट्रेट बनाने की कला में जुटे हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री, कई राज्यों के मुख्यमंत्री, मशहूर खिलाड़ियों समेत अनेक राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय हस्तियों के पोट्रेट अनाज से तैयार किए हैं।

26 जून को गए थे आईएसएस 15 जुलाई को लौटे

शुभांशु शुक्ला सहित 4 अंतरिक्षयात्री 26 जून को इंटरनेशनल स्पेश स्टेशन (आईएसएस) पर पहुंचे थे। आईएसएस में रहने के दौरान उन्होंने 76 लाख मील की दूरी तय की है और पृथ्वी की 288 परिक्रमा लगाई। शुभांशु शुक्ला और उनके साथियों ने इन 18 दिनों में 60 अलग-अलग प्रयोग भी किए हैं।

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पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है।
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