कीमतें बढ़ाने के बाद Apple का बड़ा कदम, चीनी चिप सप्लायर को लेकर व्हाइट हाउस से मांगी अनुमति

नई दिल्ली। MacBook और iPad की कीमतों में हालिया बढ़ोतरी के बाद Apple एक बार फिर चर्चा में है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कंपनी अब अमेरिकी प्रशासन से चीनी मेमोरी चिप निर्माता कंपनी CXMT से चिप्स खरीदने की अनुमति मांग रही है। Apple का कहना है कि वैश्विक स्तर पर मेमोरी और स्टोरेज चिप्स की बढ़ती कीमतों तथा आपूर्ति संबंधी चुनौतियों के कारण उत्पादन लागत में इजाफा हुआ है।
मेमोरी चिप की कमी से बढ़ा दबाव
रिपोर्ट्स के मुताबिक, मेमोरी चिप्स की सीमित उपलब्धता और बढ़ती लागत ने Apple पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव बनाया है। कंपनी का मानना है कि यदि उसे CXMT से चिप्स खरीदने की मंजूरी मिलती है, तो सप्लाई चेन को मजबूत करने और उत्पादन को सुचारू बनाए रखने में मदद मिलेगी।
CXMT को लेकर क्यों है विवाद?
CXMT उन चीनी कंपनियों में शामिल है जिन्हें अमेरिकी रक्षा विभाग की निगरानी सूची में रखा गया है। अमेरिकी अधिकारियों का मानना है कि कंपनी के चीन की सेना से जुड़े संस्थानों के साथ संबंध हो सकते हैं। इसी वजह से अमेरिकी कंपनियों के लिए ऐसे सप्लायर्स के साथ बड़े स्तर पर कारोबारी संबंध बनाने से पहले सरकारी अनुमति आवश्यक मानी जाती है।
व्हाइट हाउस और कॉमर्स डिपार्टमेंट से संपर्क
जानकारी के अनुसार, Apple ने करीब एक महीने पहले अमेरिकी वाणिज्य विभाग (Commerce Department) से संपर्क किया था। इसके बाद कंपनी ने ट्रंप प्रशासन के समक्ष अपनी दलीलें रखते हुए मंजूरी हासिल करने के प्रयास तेज कर दिए हैं। Apple का तर्क है कि वैकल्पिक स्रोतों की सीमित उपलब्धता के चलते उसे अतिरिक्त सप्लायर्स की जरूरत है।
कानूनी रोक नहीं, लेकिन मंजूरी जरूरी
विशेषज्ञों का कहना है कि Apple पर CXMT या किसी अन्य चीनी मेमोरी कंपनी से चिप्स खरीदने पर सीधी कानूनी रोक नहीं है। हालांकि, राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े नियमों और सरकारी निगरानी के कारण ऐसे मामलों में प्रशासनिक मंजूरी महत्वपूर्ण हो जाती है।









