स्पीडो विजन सॉफ्टवेयर से ट्रेनों की निगरानी होगी हाईटेक, लोको पायलट की हर गतिविधि पर रहेगी नजर

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भोपाल: यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए रेलवे ने ट्रेनों के संचालन में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने की दिशा में कदम उठाया है। अब लोको पायलट की प्रत्येक गतिविधि पर नजर रखने के लिए अत्याधुनिक स्पीडो विजन सॉफ्टवेयर विकसित किया गया है। यह सॉफ्टवेयर लोकोमोटिव में लगे स्पीडोमीटर से डेटा एकत्र कर स्वचालित रूप से यह जानकारी देगा कि ट्रेन किस गति से चली, कितनी बार ब्रेक लगाए गए और पूरे सफर के दौरान पायलट का प्रदर्शन कैसा रहा।
इससे न केवल सुरक्षा मानकों में सुधार होगा, बल्कि किसी भी लापरवाही या चूक पर त्वरित कार्रवाई संभव हो सकेगी। जहां पहले लोको इंस्पेक्टर को एक-एक यात्रा की रिपोर्ट तैयार करने में चार से पांच घंटे लगते थे, अब वहीं रिपोर्ट स्पीडो विजन की मदद से कुछ ही मिनटों में स्वचालित रूप से ग्राफिकल रूप में तैयार हो सकेगी। इससे रिपोर्टिंग न केवल तेज होगी, बल्कि ज्यादा सटीक और तथ्यात्मक भी होगी। इसी रिपोर्ट के आधार पर लोको पायलट की काउंसलिंग की जाएगी और जरूरत पड़ने पर उन्हें दोबारा प्रशिक्षण केंद्र भेजा जाएगा।
कार्यप्रणाली होगी पारदर्शी, जवाबदेही होगी तय
स्पीडो विजन के जरिए लोको पायलट की कार्यप्रणाली पूरी तरह पारदर्शी हो सकेगी। ग्राफ के माध्यम से साफ तौर पर देखा जा सकेगा कि ट्रेन कब और क्यों रुकी, गति सीमा का पालन हुआ या नहीं और किन स्थितियों में कौन-से निर्णय लिए गए। इससे संचालन में अनुशासन सुनिश्चित होगा और लापरवाही की स्थिति में तुरंत एक्शन लिया जा सकेगा।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, स्पीडो विजन तकनीक लोको पायलट की जिम्मेदारी तय करने के साथ-साथ उनके प्रशिक्षण की गुणवत्ता में भी सुधार लाएगी। इस तकनीक से रेलवे को दुर्घटनाओं की संभावनाओं को न्यूनतम करने में मदद मिलेगी।
भोपाल रेल मंडल के पीआरओ नवल अग्रवाल ने कहा कि “स्पीडो विजन तकनीक लोको पायलट की गतिविधियों को पारदर्शिता से रिकॉर्ड करने में मदद करेगी। इससे न केवल पायलट की जिम्मेदारी तय होगी, बल्कि सुरक्षा व्यवस्था में भी काफी सुधार होगा। इस सॉफ्टवेयर के माध्यम से हम लोको पायलट के प्रदर्शन का वस्तुनिष्ठ और सटीक मूल्यांकन कर सकेंगे।”








